West Bengal: क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम जारी, हावड़ा ब्रिज का होगा हेल्थ-चेकअप
रमन ने कहा कि कोलकाता बंदरगाह जल्द ही हावड़ा ब्रिज पर पूरी तरह से रखरखाव का काम करने जा रहा है, जिसके लिए उसने एक सलाहकार नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि हालांकि बंदरगाह समय-समय पर मामूली मरम्मत कार्य करता है, लेकिन अब यह समग्र स्वास्थ्य लेखापरीक्षा और बाद में रखरखाव का काम करेगा...
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श्यामाप्रसाद मुखर्जी पोर्ट (एसएमपी), कोलकाता के अध्यक्ष रथेंद्र रमन ने कहा है कि क्रूज एमवी गंगा विलास की सफलता को देखते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट ने भी क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने का प्लान बना रहा है। जल मार्गों को कैसे विकसित किया जाए और यहां पर पर्यटन को किस तरह से आकर्षित किया जाए, इस पर हम काम कर रहे हैं। निकट भविष्य में इस पर हम आगे बढ़ेंगे। इसके साथ ही जल्द ही हावड़ा ब्रिज का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करने जा रहे हैं। बाद में समग्र रखरखाव कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि बास्कुल ब्रिज जो कि ऑस्ट्रियाई निर्मित ब्रिज है, की मरम्मत के लिए जल्द ही एक वैश्विक निविदा जारी करने की योजना बना रहा है। वे यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ उपाध्यक्ष समर्थ राही और दूसरे अधिकारी उपस्थित रहे।
रमन ने कहा कि कोलकाता बंदरगाह जल्द ही हावड़ा ब्रिज पर पूरी तरह से रखरखाव का काम करने जा रहा है, जिसके लिए उसने एक सलाहकार नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि हालांकि बंदरगाह समय-समय पर मामूली मरम्मत कार्य करता है, लेकिन अब यह समग्र स्वास्थ्य लेखापरीक्षा और बाद में रखरखाव का काम करेगा। अध्यक्ष ने बताया कि पुल 1942 में चालू हो गया था और अंतिम चेक-अप राइट्स लिमिटेड द्वारा 2003 में किया गया था।
रमन ने कहा कि इसके साथ ही हमारे पास कोलकाता में 60 एकड जमीन है, इसे हम विकासित कर रहे हैं। इसके विकसित होने के बाद हम इस पर पीपीपी मॉडल पर काम करेंगे। निश्चित ही यह एक बहुत दूरगामी परियजोना है। इससे बहुत पोर्ट को बहुत सपोर्ट मिलेगा। इस मौके पर सीपीआरओ संजय मुखर्जी ने सभी का स्वागत किया। बंदरगाह ने बंदरगाहों, जलमार्गों और तटों के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र (एनटीसीपीडब्ल्यूसी) को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। यह एजेंसी आईआईटी चेन्नई की एक संस्था है, जिसे सभी प्रमुख बंदरगाहों को मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया था।
बंदरगाह के अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में वे पुल के महत्वपूर्ण घटकों के व्यापक ऑडिट के दायरे और विस्तृत संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप दे रहे हैं। हेल्थ ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। मानसून के बाद काम शुरू होने की संभावना है। बास्कुल ब्रिज के संदर्भ में, बंदरगाह के चेयरमैन ने कहा कि एक अध्ययन के लिए एक सलाहकार नियुक्त किया गया था और उसने बंदरगाह को एक रिपोर्ट सौंपी है। इसमें खुलासा हुआ कि पूरी तरह नया पुल बनाने पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे लेकिन मरम्मत कार्य में 71 करोड़ रुपये खर्च होंगे।