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West Bengal: शुभेंदु अधिकारी का दावा- नंदीग्राम जनता का आंदोलन था, भतीजा अगले साल जेल में होगा

Tue, 14 Mar 2023 06:17 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 14 Mar 2023 06:17 PM IST
सार

West Bengal: मंगलवार को शुभेंदु ने बताया कि उन्होंने तृणमूल क्यों छोड़ी और भाजपा में क्यों शामिल हुए। उन्होंने कहा, कोई भी अपनी इच्छा से किसी राजनीतिक दल में रह सकता है और उसे बदल सकता है। उन्होंने कहा कि तृणमूल ने जो भी जिम्मेदारी उन्हें दी, वह मजबूरी में दी थी...

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West Bengal: Subhendu Adhikari claims- Nandigram was a people's movement, nephew will be in jail next year
Shubhendu Adhikari - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

वरिष्ठ भाजपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को नंदीग्राम में कहा कि नंदीग्राम आंदोलन किसी व्यक्ति या किसी पार्टी का नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन था। स्थानीय लोगों ने मिलकर आंदोलन किया। इसे तृणमूल कांग्रेस हाईजैक करने की कोशिश करती रही है। इस आंदोलन से ममता बनर्जी का किसी तरह का कोई लेना-देना नहीं। उन्होंने कहा, हमने सीपीएम को यहां से साफ किया। उन्होंने नाम लिए बिना कहा, बुआ और भतीजा (मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी) को भी गैराज करेंगे। अगले साल भतीजा जेल में होगा। वे शहीद वेदी पर माल्यार्पण करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। पहले पुलिस ने भाजपा के विधायक को यहां पर कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी थी, कोर्ट से आदेश मिलने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने यहां पर रैली निकाली और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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मंगलवार को शुभेंदु ने बताया कि उन्होंने तृणमूल क्यों छोड़ी और भाजपा में क्यों शामिल हुए। उन्होंने कहा, कोई भी अपनी इच्छा से किसी राजनीतिक दल में रह सकता है और उसे बदल सकता है। उन्होंने कहा कि तृणमूल ने जो भी जिम्मेदारी उन्हें दी, वह मजबूरी में दी थी। किसी ने उनको खुशी में ये जिम्मेदारी नहीं दी थी। लेकिन मैंने सभी जिम्मेदारियां छोड़कर 2020 में भाजपा दामन थाम लिया। नंदीग्राम आंदोलन से लेकर आज तक ऐसा कोई साल नहीं है जब मैं शहीद स्थल पर नहीं आया और शहीदों के परिवार से नहीं मिला। तृणमूल में तो कोई था ही नहीं उस आंदोलन से जुड़ा हुआ। अब वे बाहर से लोग लाकर इस दिवस को भी हाईजैक करना चाहते हैं। लेकिन लोग उन्हें जवाब देंगे।

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उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और उनकी पुलिस मुझे रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं, लेकिन लोकतंत्र किस तरह खतरे में है कि हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय बलों की सुरक्षा के यहां आकर शहीदों को श्रद्धांजलि देनी पड़ रही है। पुलिस ने यहां शुभेंदु अधिकारी की जनसभा को अनुमति नहीं दी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उन्हें सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक सभा की अनुमति दी थी। सुबह 11:00 बजे से सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस का कार्यक्रम शुरू हुआ। 16 साल पहले 2007 में 14 मार्च को यहां नंदीग्राम में पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी वाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं की फायरिंग में 14 ग्रामीणों की जान चली गई थी। उसके बाद से हर साल 14 मार्च को शहीद दिवस का पालन किया जाता है।

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