West Bengal: सेना की पूर्वी कमान ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, सीमावर्ती पहाड़ों में सैनिकों ने किया योग
सेना के प्रवक्ता के मुताबिक एक स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली बनाए रखने के लिए हजारों सैनिकों ने योग सत्रों में भाग लिया। निर्धारित "सामान्य योग प्रोटोकॉल" के अनुसार योग कक्षाओं का संचालन करके पूरे पूर्वी कमान योग दिवस मनाया गया...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय सेना के पूर्वी कमान ने बुधवार को नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया। विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन कमान मुख्यालय से लेकर पहाड़ों के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात हजारों सैनिकों ने इसमें उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। योग दिवस पर सैनिकों को अलावा उनके परिवारों ने भी हिस्सा लिया। लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, सेना कमांडर पूर्वी कमान और निशा कलिता, आवा की क्षेत्रीय अध्यक्ष ने फोर्ट विलियम, कोलकाता में 1200 सैन्य कर्मियों और परिवारों के साथ एक विशेष योग सत्र में भाग लिया और योग किया।
सेना के प्रवक्ता के मुताबिक एक स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली बनाए रखने के लिए हजारों सैनिकों ने योग सत्रों में भाग लिया। निर्धारित "सामान्य योग प्रोटोकॉल" के अनुसार योग कक्षाओं का संचालन करके पूरे पूर्वी कमान योग दिवस मनाया गया। इसमें पूर्वी मुख्यालय से लेकर पहाड़ों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक इस आयोजन में भाग लिया। योगाभ्यास विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान आसन, प्राणायाम (सांस लेने के व्यायाम) और ध्यान तकनीकों सहित योग अभ्यास किए गए।
लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, सेना कमांडर पूर्वी कमान और श्रीमती निशा कलिता, आवा की क्षेत्रीय अध्यक्ष, ने फोर्ट विलियम, कोलकाता में 1200 सैन्य कर्मियों और परिवारों के साथ एक विशेष योग सत्र में भाग लिया। इसमें हिस्सा लेने वाले सभी लोग बहुत प्रसन्न थे।
पूर्वी कमान योग कार्यक्रमों का आयोजन करके, भारतीय सेना का उद्देश्य अपने सैनिकों और स्थानीय समुदाय के बीच समग्र कल्याण की संस्कृति को बढ़ावा देना, शारीरिक फिटनेस, मानसिक लचीलापन और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है। यह आयोजन न केवल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को याद करता है बल्कि अपने कर्मियों और बड़े समुदाय की भलाई के लिए पूर्वी कमान की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।