Assam: भारतीय वायु सेना ने आसमान पर दिखाए गजब करतब, गुवाहाटी में सबका मन मोहा
Assam: IAF की एरोबेटिक्स टीम का गठन 1996 में किया गया था और यह वायु सेना के 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। तब से टीम आमतौर पर नौ विमानों के साथ कई प्रदर्शन करती है। एयर शो मुख्य रूप से युवाओं को प्रेरित करने और वायु सेना के पायलटों के उड़ान कौशल को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबेटिक्स की टीम ने मंगलवार सुबह नीले आसमान के नीचे इंद्रधनुषी रंगों से ब्रह्मपुत्र नदी लाचित घाट पर सबका मन मोहा। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित असम की माननीय प्रथम महिला प्रेम मुखी सहित हजारों लोग इसके साक्षी बने। वायु सेना के जांबाज पायलटों ने आसमान के सैकड़ों मीटर ऊपर अपनी हिम्मत और बहादुरी से सबको रोमांचित कर दिया। इस दौरान उन्होंने एक से एक करतब दिखाए, जिसे देखकर वहां मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया। हर तरफ भारतीय वायु सेना की बहादुरी की चर्चा होती रही।
IAF की एरोबेटिक्स टीम का गठन 1996 में किया गया था और यह वायु सेना के 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। तब से टीम आमतौर पर नौ विमानों के साथ कई प्रदर्शन करती है। एयर शो मुख्य रूप से युवाओं को प्रेरित करने और वायु सेना के पायलटों के उड़ान कौशल को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम के बाद असम के मुख्यमंत्री ने एयर शो के फोटो के साथ ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, एक शानदार कार्यक्रम। आज असम की माननीय प्रथम महिला प्रेम मुखी की उपस्थिति में लचित घाट, गुवाहाटी पर अपने हॉक एमके 132 विमान में भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक्स टीम द्वारा एक शानदार शो का साक्षी बना। यह बहुत ही शानदार था और युवाओं के लिए प्रेरित करने वाला था। इससे हमारे वायु सेना के अदम्य साहस और बहादुरी का पता चलता है। उन्होंने इसके लिए वायु सेना का धन्यवाद किया।