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प्रगति मैदान में एक नहीं, दो बुक फेयर लगते हैं! आपने देखा क्या?

लक्ष्य राणा, अमर उजाला टीवी/ नई दिल्ली Updated Sun, 14 Jan 2018 08:03 AM IST

एक दरवाजा! जिसपर ताला तो नहीं लगा लेकिन कुंडी जरूर लगी है। दरवाजे के दोनों ओर ही किताबे सजी हैं लेकिन दोनों तरफ की किताबों की खुशबू को शायद एक-दूसरे से बैर है। दरवाजे के बाहर की किताबों की खुशबू अंदर वाली किताबों तक पहुंच नहीं पाती और अंदर वाली किताबों की खुशबू को बाहर बाली ‘बहनों’ की याद नहीं आती। आज इस रिपोर्ट में देखिए, एक दरवाजे से बंटे हुए प्रगति मैदान के दो बुक फेयर।

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