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Gold prices have risen—will the prices of gold and silver climb even further during the festive season?
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सोने के दाम में आई तेजी त्योहारी सीजन में क्या फिर से बढ़ेंगे सोने- चांदी के दाम!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:25 AM IST
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बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। सोने का भाव 700 रुपये बढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। रुपये की कमजोरी को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ था। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशक सतर्क नजर आए, जिसका असर वैश्विक कीमती धातुओं के बाजार पर देखने को मिला। इसके बावजूद भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, क्योंकि रुपये में गिरावट से सोने के आयात की लागत बढ़ गई। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव बुधवार को 700 रुपये बढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे एक दिन पहले मंगलवार को सोना 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
इस तरह एक ही दिन में सोने की कीमत में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय दरों पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात लागत, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की मांग का भी इन पर असर पड़ता है। जब भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो विदेशों से सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ सकता है। बुधवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। चांदी का भाव 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहा। इस बीच, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 21 पैसे कमजोर होकर 95.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से रुपये पर दबाव बढ़ा। भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए रुपये की कमजोरी से आयात बिल बढ़ने की आशंका रहती है। कारोबारियों के मुताबिक, रुपये में गिरावट ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी के बावजूद घरेलू सोने की कीमतों को सहारा दिया। अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर रहेगी। इन कारकों के साथ रुपये की चाल भी आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, कीमतों में आगे तेजी आएगी या गिरावट होगी, यह निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है। निवेशकों और खरीदारों को खरीदारी से पहले बाजार के ताजा भाव और स्थानीय सर्राफा बाजार की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
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