फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   women may lodge complaints on phone in uttarakhand

उत्तराखंडः महिलाएं फोन पर दर्ज करा सकेंगी शिकायतें

Tue, 01 Jan 2013 10:26 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Tue, 01 Jan 2013 10:26 AM IST
विज्ञापन
women may lodge complaints on phone in uttarakhand

उत्तराखंड में अब महिलाओं को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन तक नहीं जाना होगा। घर बैठे टोल फ्री नंबर डायल कर वह अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सकेंगी। राज्य सरकार जल्द ही महिलाओं के लिए यह हेल्पलाइन शुरू करेगी। महिला उत्पीड़न संबंधी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए सरकार प्रदेश में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट भी स्थापित करने जा रही है।

विज्ञापन


गुप्त रहेगी महिला की पहचान
दिल्ली में दामिनी से गैंगरेप की घटना के एक पखवाड़े बाद महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार जगी है। दक्षिण अफ्रीका की यात्रा से लौटने के बाद सोमवार को सचिवालय पहुंचे मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि महिलाओं की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर शुरू किया जा रहा है। फोन पर भी आने वाली शिकायतें दर्ज करनी होंगी। एक महिला अधिकारी संबंधित शिकायतकर्ता से मुलाकात करेगी। शिकायतकर्ता महिला की पहचान गुप्त रखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब महिलाओं की शिकायत किसी भी थाने में दर्ज हो सकेगी। एफआईआर के बाद संबंधित क्षेत्र के थाने को प्रकरण स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


हर जिले में एक-एक महिला प्रोसिक्यूटर
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला उत्पीड़न संबंधी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर तथा नैनीताल में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में वे पांच जनवरी को चीफ जस्टिस से मुलाकात कर बात करेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशालय में अलग से एक सेल का गठन किया जाएगा, जिसमें महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जांच के लिए वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी को तैनात किया जाएगा। हर जनपद में एक-एक महिला प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति की जाएगी, जो महिलाओं से संबंधित प्रकरणों की पैरवी करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने बताया कि सेलाकुई, देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में औद्योगिक स्थानों में सिडकुल के माध्यम से पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण कराने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान, अस्पताल, नर्सिंग होम, कॉल सेंटर में कार्य करने वाली महिला को यदि देर रात्रि तक कार्य करने के लिए रोका जाता है, तो उसे सुरक्षित घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी।


ब्लैक स्क्रीन और पर्दे तुरंत हटाने के निर्देश
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं के साथ अभद्रता की किसी भी घटना की सूचना पुलिस को देने की जिम्मेदारी उसके चालक और परिचालक की होगी। ऐसा नहीं करने पर बस का लाइसेंस निरस्त होगा। सभी पब्लिक और प्राइवेट वाहनों पर लगी ब्लैक स्क्रीन और पर्दे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed