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Uttarkashi News: नाटक से दिखाया समाज में नारी का संघर्ष
Sat, 16 Nov 2024 06:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 16 Nov 2024 06:33 PM IST
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उत्तरकाशी। मसीह दिलासा स्कूल में वी केयर (हमें परवाह है) की थीम के साथ दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का शुभारंभ हो गया। पहले दिन छात्र-छात्राओं ने मंच पर नाटक के जरिए समाज में नारी का संघर्ष दिखाया। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी नारी सशक्तिकरण की आवाज उठाई।
शुक्रवार को मसीह दिलासा स्कूल के वार्षिकोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों की अंदर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का काम करते हैं। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं की ओर से प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की।
केंद्र और राज्य सरकार बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा और उन्नयन के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने झांसी की रानी, शास्त्रीय नृत्य, गढ़वाली, राजस्थानी आदि गीत-नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। छात्राओं की झांसी की रानी नृत्य नाटिका को दर्शकों ने खूब सराहा।
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वहीं, नारी का संघर्ष नाटक में नारी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, विवाह और बाद के जीवन के संघर्ष को दिखाया गया। छात्रों को नाटक के लिए तैयार करने वाली शिक्षिका दमयंती भट्ट व जितेंद्र नौटियाल ने कहा कि नाटक के जरिए यह संदेश दिया गया है कि आज 21वीं सदी जरूरी है, लेकिन नारी की स्थिति नहीं बदली है।
आज भी नारी को कमजोर, दुर्बल समझा जाता है। जबकि नारी को बराबरी का दर्जा दिया जाना चाहिए। प्रधानाचार्य सौमिनी ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर विद्यालय प्रबंधक रोबिन पुलोज, सुकेश नौटियाल, मनोज चौहान, शिक्षक दिनेश पयाल आदि रहे।
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शुक्रवार को मसीह दिलासा स्कूल के वार्षिकोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों की अंदर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करने का काम करते हैं। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं की ओर से प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की।
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केंद्र और राज्य सरकार बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा और उन्नयन के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने झांसी की रानी, शास्त्रीय नृत्य, गढ़वाली, राजस्थानी आदि गीत-नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। छात्राओं की झांसी की रानी नृत्य नाटिका को दर्शकों ने खूब सराहा।
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वहीं, नारी का संघर्ष नाटक में नारी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, विवाह और बाद के जीवन के संघर्ष को दिखाया गया। छात्रों को नाटक के लिए तैयार करने वाली शिक्षिका दमयंती भट्ट व जितेंद्र नौटियाल ने कहा कि नाटक के जरिए यह संदेश दिया गया है कि आज 21वीं सदी जरूरी है, लेकिन नारी की स्थिति नहीं बदली है।
आज भी नारी को कमजोर, दुर्बल समझा जाता है। जबकि नारी को बराबरी का दर्जा दिया जाना चाहिए। प्रधानाचार्य सौमिनी ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर विद्यालय प्रबंधक रोबिन पुलोज, सुकेश नौटियाल, मनोज चौहान, शिक्षक दिनेश पयाल आदि रहे।