{"_id":"6a4500acdcc89befff0079bc","slug":"people-forced-to-leave-their-homes-during-the-rainy-season-uttarkashi-news-c-54-1-uki1002-120851-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: बरसात में घर छोड़ने के लिए लोग मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: बरसात में घर छोड़ने के लिए लोग मजबूर
Wed, 01 Jul 2026 05:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:27 PM IST
विज्ञापन
पंचाणगांव मोटर मार्ग की खामियों के कारण बढ़ रहा है खतरा
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन और लोनिवि से की सुरक्षात्मक कार्य कराने के साथ ही नुकसान की भरपाई की मांग
उत्तरकाशी। निर्माणाधीन पंचाणगांव मोटर मार्ग ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनता जा रहा है। सड़क की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार, जल निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव और मकानों की ओर रखा गया ढलान कई परिवारों के लिए खतरा बन गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन और लोनिवि से जल्द सुरक्षात्मक कार्य कराने के साथ ही नुकसान की भरपाई की मांग की है।
ग्रामीण पूरण सिंह नेगी, प्रीतम सिंह नेगी, रघुवीर सिंह चौहान, खुशपाल सिंह चौहान और जसपाल सिंह पंवार ने बताया कि जुलाई 2023 में अतिवृष्टि और बादल फटने के बाद उन्होंने विभाग को लिखित शिकायत देकर स्थिति से अवगत कराया था। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने और गुणवत्ता में कमी के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा लेकिन अब तक न तो मुआवजा मिला और न ही स्थायी समाधान किया गया।
मकानों के ऊपर बनाई गई करीब 12 मीटर ऊंची और 25 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का बड़ा हिस्सा ढह चुका है। इसके कारण बरसाती पानी सीधे मकानों तक पहुंच रहा है। घरों, आंगनों, रसोई और शौचालयों को नुकसान पहुंचने के साथ कई भवनों में दरारें आ गई है। धुलधार तोक से डगरिया गांव तक करीब 1.5 किलोमीटर सड़क का ढलान मकानों की ओर है।
विज्ञापन
नालियों का निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी मकानों के पीछे जमा हो रहा है। इससे लगातार भू-धंसाव और दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में आठ से दस परिवारों के लिए घरों में रहना सुरक्षित नहीं रह जाता। कई बार रात के समय उन्हें अपने घर छोड़कर छानियों में शरण लेनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि बीते साल 11 जुलाई 2023 की बारिश में भी सुरक्षा दीवार ढहने से भारी नुकसान हुआ था लेकिन आज तक प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य और प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, लोनिवि प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता पंकज अग्रवाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मौके पर जेसीबी भेजकर पानी की निकासी कराई जा रही है। विभाग हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
विज्ञापन
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन और लोनिवि से की सुरक्षात्मक कार्य कराने के साथ ही नुकसान की भरपाई की मांग
उत्तरकाशी। निर्माणाधीन पंचाणगांव मोटर मार्ग ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनता जा रहा है। सड़क की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार, जल निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव और मकानों की ओर रखा गया ढलान कई परिवारों के लिए खतरा बन गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन और लोनिवि से जल्द सुरक्षात्मक कार्य कराने के साथ ही नुकसान की भरपाई की मांग की है।
ग्रामीण पूरण सिंह नेगी, प्रीतम सिंह नेगी, रघुवीर सिंह चौहान, खुशपाल सिंह चौहान और जसपाल सिंह पंवार ने बताया कि जुलाई 2023 में अतिवृष्टि और बादल फटने के बाद उन्होंने विभाग को लिखित शिकायत देकर स्थिति से अवगत कराया था। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने और गुणवत्ता में कमी के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा लेकिन अब तक न तो मुआवजा मिला और न ही स्थायी समाधान किया गया।
विज्ञापन
मकानों के ऊपर बनाई गई करीब 12 मीटर ऊंची और 25 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का बड़ा हिस्सा ढह चुका है। इसके कारण बरसाती पानी सीधे मकानों तक पहुंच रहा है। घरों, आंगनों, रसोई और शौचालयों को नुकसान पहुंचने के साथ कई भवनों में दरारें आ गई है। धुलधार तोक से डगरिया गांव तक करीब 1.5 किलोमीटर सड़क का ढलान मकानों की ओर है।
विज्ञापन
नालियों का निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी मकानों के पीछे जमा हो रहा है। इससे लगातार भू-धंसाव और दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में आठ से दस परिवारों के लिए घरों में रहना सुरक्षित नहीं रह जाता। कई बार रात के समय उन्हें अपने घर छोड़कर छानियों में शरण लेनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि बीते साल 11 जुलाई 2023 की बारिश में भी सुरक्षा दीवार ढहने से भारी नुकसान हुआ था लेकिन आज तक प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य और प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, लोनिवि प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता पंकज अग्रवाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मौके पर जेसीबी भेजकर पानी की निकासी कराई जा रही है। विभाग हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।