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Uttarkashi News: सौली में भू-धंसाव से छह से अधिक भवन खतरे में
Sat, 08 Aug 2026 05:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 08 Aug 2026 05:41 PM IST
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खतरे को देखते हुए तीन भवन स्वामी घर खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हुए
नौगांव (उत्तरकाशी)। नगर पंचायत के सौली कस्बे के समीप भू-धंसाव से छह से अधिक आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। भू-धंसाव के कारण स्योरी रोड पर भारी दरार पड़ गई है जो लगातार बढ़ने की बात सामने आ रही है। खतरे को देखते हुए तीन भवन स्वामी अपने घर खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं।
भू-धंसाव स्योरी रोड और यमुनोत्री हाईवे के बीच हुआ है। इससे करीब दो सौ मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर पड़ी दरार धीरे-धीरे बढ़ रही है जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। भू-धंसाव का असर यमुनोत्री हाईवे की कुछ सुरक्षा दीवारों पर भी पड़ा है और वे दबाव के कारण बैठ गई है।
सौली कस्बे में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन पुलिस चौकी का दो मंजिला भवन भी भू-धंसाव की चपेट में है। वहीं प्रभावित पीतांबर बडोनी, श्याम लाल और राम लाल ने एहतियातन अपने आवासीय भवन खाली कर दिए हैं। विद्या, नरेश और मनसा देवी के भवनों में भी दरारें उभरने की सूचना है। सभासद सुनील कोहली ने प्रभावित क्षेत्र का तत्काल भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों के विस्थापन की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि समय रहते सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए तो भू-धंसाव बढ़ने से और अधिक भवनों को खतरा हो सकता है। घटना का जायजा लेने पहुंचीं तहसीलदार बड़कोट रेनू सैनी ने बताया कि खतरे को देखते हुए कुछ भवन स्वामियों को दूसरी जगह रहने की सलाह दी गई है। मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसमें भू-वैज्ञानिक सर्वे को भी शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नौगांव (उत्तरकाशी)। नगर पंचायत के सौली कस्बे के समीप भू-धंसाव से छह से अधिक आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। भू-धंसाव के कारण स्योरी रोड पर भारी दरार पड़ गई है जो लगातार बढ़ने की बात सामने आ रही है। खतरे को देखते हुए तीन भवन स्वामी अपने घर खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं।
भू-धंसाव स्योरी रोड और यमुनोत्री हाईवे के बीच हुआ है। इससे करीब दो सौ मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर पड़ी दरार धीरे-धीरे बढ़ रही है जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। भू-धंसाव का असर यमुनोत्री हाईवे की कुछ सुरक्षा दीवारों पर भी पड़ा है और वे दबाव के कारण बैठ गई है।
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सौली कस्बे में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन पुलिस चौकी का दो मंजिला भवन भी भू-धंसाव की चपेट में है। वहीं प्रभावित पीतांबर बडोनी, श्याम लाल और राम लाल ने एहतियातन अपने आवासीय भवन खाली कर दिए हैं। विद्या, नरेश और मनसा देवी के भवनों में भी दरारें उभरने की सूचना है। सभासद सुनील कोहली ने प्रभावित क्षेत्र का तत्काल भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों के विस्थापन की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि समय रहते सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए तो भू-धंसाव बढ़ने से और अधिक भवनों को खतरा हो सकता है। घटना का जायजा लेने पहुंचीं तहसीलदार बड़कोट रेनू सैनी ने बताया कि खतरे को देखते हुए कुछ भवन स्वामियों को दूसरी जगह रहने की सलाह दी गई है। मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसमें भू-वैज्ञानिक सर्वे को भी शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।