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Uttarkashi News: चिकित्सकों के स्थानांतरण पर मंत्री ने दिया पुनर्विचार का आश्वासन
Wed, 01 Jul 2026 05:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:35 PM IST
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स्थानांतरण का क्षेत्रवासी लगातार कर रहे थे विरोध
बड़कोट। सीएचसी बड़कोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंगद सिंह राणा समेत बड़कोट और पुरोला के चिकित्सकों के स्थानांतरण को लेकर उठ रहे विरोध के बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने तबादलों पर पुनर्विचार का सकारात्मक आश्वासन दिया है। चिकित्सकों के स्थानांतरण के विरोध में पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार आवाज उठ रही है।
भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने स्वास्थ्य मंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी पहले से ही बनी हुई है। ऐसे में बड़कोट और पुरोला जैसे महत्वपूर्ण अस्पतालों से डॉक्टरों के स्थानांतरण से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी और जनता में असंतोष बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि यमुनाघाटी क्षेत्र चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव होने के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं का भी मुख्य केंद्र है। ऐसे में जनहित को देखते हुए स्थानांतरण आदेशों को निरस्त किया जाना आवश्यक है। मंत्री डॉ. उनियाल ने मामले में सकारात्मक रुख अपनाते हुए बड़कोट और पुरोला से स्थानांतरित चिकित्सकों के तबादलों पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया। इसके बाद क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने राहत की उम्मीद जताई है। सीएचसी बड़कोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंगद सिंह राणा समेत अन्य चिकित्सकों के स्थानांतरण के विरोध में पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार आवाज उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों का स्थानांतरण जनहित के विपरीत है।
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डॉ. पोखरियाल के तबादले से लोगों में नाराजगी, स्थानांतरण निरस्त करने की मांग
फोटो सहित
उत्तरकाशी। जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का दायित्व संभाल रहे डॉ. प्रेम पोखरियाल के हरिद्वार स्थानांतरण को लेकर जनपदवासियों में नाराजगी है। जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने शासन से उनका स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें उत्तरकाशी में ही सेवाएं जारी रखने का अवसर देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. पोखरियाल लंबे समय से जिला चिकित्सालय में न केवल एक चिकित्सक के रूप में, बल्कि एक संवेदनशील और समर्पित स्वास्थ्य सेवक के रूप में कार्य करते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अपने स्वास्थ्य और परिवार की चिंता किए बिना दिन-रात मरीजों की सेवा की। कहा कि वह एकमात्र डॉक्टर हैं जिन्होंने अपने नियुक्ति के बाद लगातार पहाड़ों में बीस वर्षों से अधिक समय से अपनी सेवा दे रहे हैं। पहले ही पहाड़ों में डॉक्टरों कमी है दूसरी ओर यहां से डॉक्टरों का तबादला किया जा रहा है।
यूकेडी नेता विष्णुपाल सिंह रावत, पर्यावरणविद् प्रताप पोखरियाल, चंदन सिंह राणा, किरण पंवार, राकेश चंद रमोला, माधव जोशी आदि जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिले में अनुभवी और जनप्रिय चिकित्सकों का स्थानांतरण स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने शासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए डॉ. पोखरियाल का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की है।
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बड़कोट। सीएचसी बड़कोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंगद सिंह राणा समेत बड़कोट और पुरोला के चिकित्सकों के स्थानांतरण को लेकर उठ रहे विरोध के बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने तबादलों पर पुनर्विचार का सकारात्मक आश्वासन दिया है। चिकित्सकों के स्थानांतरण के विरोध में पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार आवाज उठ रही है।
भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने स्वास्थ्य मंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी पहले से ही बनी हुई है। ऐसे में बड़कोट और पुरोला जैसे महत्वपूर्ण अस्पतालों से डॉक्टरों के स्थानांतरण से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी और जनता में असंतोष बढ़ेगा।
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उन्होंने बताया कि यमुनाघाटी क्षेत्र चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव होने के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं का भी मुख्य केंद्र है। ऐसे में जनहित को देखते हुए स्थानांतरण आदेशों को निरस्त किया जाना आवश्यक है। मंत्री डॉ. उनियाल ने मामले में सकारात्मक रुख अपनाते हुए बड़कोट और पुरोला से स्थानांतरित चिकित्सकों के तबादलों पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया। इसके बाद क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने राहत की उम्मीद जताई है। सीएचसी बड़कोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंगद सिंह राणा समेत अन्य चिकित्सकों के स्थानांतरण के विरोध में पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार आवाज उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों का स्थानांतरण जनहित के विपरीत है।
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डॉ. पोखरियाल के तबादले से लोगों में नाराजगी, स्थानांतरण निरस्त करने की मांग
फोटो सहित
उत्तरकाशी। जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का दायित्व संभाल रहे डॉ. प्रेम पोखरियाल के हरिद्वार स्थानांतरण को लेकर जनपदवासियों में नाराजगी है। जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने शासन से उनका स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें उत्तरकाशी में ही सेवाएं जारी रखने का अवसर देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. पोखरियाल लंबे समय से जिला चिकित्सालय में न केवल एक चिकित्सक के रूप में, बल्कि एक संवेदनशील और समर्पित स्वास्थ्य सेवक के रूप में कार्य करते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अपने स्वास्थ्य और परिवार की चिंता किए बिना दिन-रात मरीजों की सेवा की। कहा कि वह एकमात्र डॉक्टर हैं जिन्होंने अपने नियुक्ति के बाद लगातार पहाड़ों में बीस वर्षों से अधिक समय से अपनी सेवा दे रहे हैं। पहले ही पहाड़ों में डॉक्टरों कमी है दूसरी ओर यहां से डॉक्टरों का तबादला किया जा रहा है।
यूकेडी नेता विष्णुपाल सिंह रावत, पर्यावरणविद् प्रताप पोखरियाल, चंदन सिंह राणा, किरण पंवार, राकेश चंद रमोला, माधव जोशी आदि जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिले में अनुभवी और जनप्रिय चिकित्सकों का स्थानांतरण स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने शासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए डॉ. पोखरियाल का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की है।