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Uttarkashi News: जनजातीय दर्जे की मांग को लेकर एकता मंच का जनजागरण अभियान तेज
Sat, 20 Jun 2026 07:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 20 Jun 2026 07:54 PM IST
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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को 5वीं अनुसूची में किया जाए शामिल
उत्तरकाशी। उत्तराखंड एकता मंच ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में 5वीं अनुसूची एवं जनजातीय दर्जे की मांग को लेकर अपना जनसंपर्क एवं जनजागरण अभियान तेज कर दिया है। मंच का कहना है कि इन संवैधानिक प्रावधानों के लागू होने से पर्वतीय युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
शनिवार को नगरपालिका सभागार उत्तरकाशी में एकता मंच की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। मंच के मुख्य संयोजक अनूप बिष्ट ने कहा कि देश के सभी 12 हिमालयी राज्यों के मूल निवासी समुदायों को जनजातीय दर्जा प्राप्त है जबकि उत्तराखंड के पर्वतीय समुदाय आज भी इससे वंचित हैं। जनजातीय दर्जा मिलने से युवाओं को आरक्षण सहित विभिन्न संवैधानिक लाभ प्राप्त होंगे। साथ ही जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय समुदायों के अधिकार मजबूत होंगे।
ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार मिलेंगे और पर्वतीय संस्कृति और पहचान के संरक्षण को भी बल मिलेगा। कहा कि उत्तरकाशी सहित पर्वतीय जिलों में भूमि संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए प्रभावी संवैधानिक एवं कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है। मंच के प्रतिनिधि विकास सिंह महर ने कहा कि आगामी चुनावों में पर्वतीय समुदाय उन राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को प्राथमिकता देगा जो अपने चुनावी घोषणा पत्र में 5वीं अनुसूची और जनजातीय दर्जे के मुद्दे को शामिल करेंगे।
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मंच ने घोषणा की कि इस मांग को व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा और दर्जे के इस विषय को उत्तराखंड के प्रत्येक पर्वतीय क्षेत्र और प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर भट्ट, नागेन्द्र जगूड़ी, विकास सिंह महर, नवनीत उनियाल, जसवीर असवाल, किरण रावत, संदीप राणा, सुरजीत राणा आदि मौजूद थे।
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उत्तरकाशी। उत्तराखंड एकता मंच ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में 5वीं अनुसूची एवं जनजातीय दर्जे की मांग को लेकर अपना जनसंपर्क एवं जनजागरण अभियान तेज कर दिया है। मंच का कहना है कि इन संवैधानिक प्रावधानों के लागू होने से पर्वतीय युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
शनिवार को नगरपालिका सभागार उत्तरकाशी में एकता मंच की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। मंच के मुख्य संयोजक अनूप बिष्ट ने कहा कि देश के सभी 12 हिमालयी राज्यों के मूल निवासी समुदायों को जनजातीय दर्जा प्राप्त है जबकि उत्तराखंड के पर्वतीय समुदाय आज भी इससे वंचित हैं। जनजातीय दर्जा मिलने से युवाओं को आरक्षण सहित विभिन्न संवैधानिक लाभ प्राप्त होंगे। साथ ही जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय समुदायों के अधिकार मजबूत होंगे।
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ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार मिलेंगे और पर्वतीय संस्कृति और पहचान के संरक्षण को भी बल मिलेगा। कहा कि उत्तरकाशी सहित पर्वतीय जिलों में भूमि संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए प्रभावी संवैधानिक एवं कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है। मंच के प्रतिनिधि विकास सिंह महर ने कहा कि आगामी चुनावों में पर्वतीय समुदाय उन राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को प्राथमिकता देगा जो अपने चुनावी घोषणा पत्र में 5वीं अनुसूची और जनजातीय दर्जे के मुद्दे को शामिल करेंगे।
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मंच ने घोषणा की कि इस मांग को व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा और दर्जे के इस विषय को उत्तराखंड के प्रत्येक पर्वतीय क्षेत्र और प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर भट्ट, नागेन्द्र जगूड़ी, विकास सिंह महर, नवनीत उनियाल, जसवीर असवाल, किरण रावत, संदीप राणा, सुरजीत राणा आदि मौजूद थे।