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Uttarkashi News: स्वच्छ पेयजल के लिए तरसे बगोरी और हर्षिल
Wed, 01 Jul 2026 04:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 01 Jul 2026 04:25 PM IST
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20 दिन से दूषित पानी की आपूर्ति से स्थानीय के साथ पर्यटक भी परेशान
अधिकारियों को कहने के बाद भी समस्या हल नहीं होने का आरोप
उत्तरकाशी। पर्यटन ग्राम बगोरी और हर्षिल में पर्यटकों व स्थानीय लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि करीब बीस दिन से दूषित पानी आने के कारण पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को इस संबंध में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की गई लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है।
बगोरी पर्यटन समिति के अध्यक्ष योगेश राणा ने बताया कि इन दिनों अच्छी संख्या में पर्यटक बगोरी सहित हर्षिल पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें यहां पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि पिछले 20 दिनों से नल से सिल्ट के साथ गंदा पानी आ रहा है। लोग इसी दूषित पानी को पीने और अन्य प्रयोग के लिए उपयोग कर रहे हैं।
बरसात आते ही पूरे क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन आज तक जल संस्थान की ओर से बरसात में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए किसी प्रकार की योजना तैयार नहीं की गई है। विभाग की ओर से फिल्टर टैंक के नाम पर खानापूर्ति की गई है। पानी और सिल्ट सहित अन्य गंदगी की छंटाई नहीं हो पाती है।
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दूषित पानी का असर पर्यटन पर पड़ रहा है। पर्यटक नल पर गंदा पानी देखते ही कई बार अपनी बुकिंग कैंसिल कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से संज्ञान लेकर जल्द ही इस पर उचित कार्रवाई की मांग की है। जल संस्थान के अवर अभियंता हिमांशु बहुगुणा का कहना है कि बरसात के दौरान अधिक सिल्ट आने के कारण वह फिल्टर नहीं हो पाता है। इसके लिए विभाग की ओर से योजना प्रस्तावित की गई है।
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अधिकारियों को कहने के बाद भी समस्या हल नहीं होने का आरोप
उत्तरकाशी। पर्यटन ग्राम बगोरी और हर्षिल में पर्यटकों व स्थानीय लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि करीब बीस दिन से दूषित पानी आने के कारण पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को इस संबंध में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की गई लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है।
बगोरी पर्यटन समिति के अध्यक्ष योगेश राणा ने बताया कि इन दिनों अच्छी संख्या में पर्यटक बगोरी सहित हर्षिल पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें यहां पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि पिछले 20 दिनों से नल से सिल्ट के साथ गंदा पानी आ रहा है। लोग इसी दूषित पानी को पीने और अन्य प्रयोग के लिए उपयोग कर रहे हैं।
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बरसात आते ही पूरे क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन आज तक जल संस्थान की ओर से बरसात में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए किसी प्रकार की योजना तैयार नहीं की गई है। विभाग की ओर से फिल्टर टैंक के नाम पर खानापूर्ति की गई है। पानी और सिल्ट सहित अन्य गंदगी की छंटाई नहीं हो पाती है।
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दूषित पानी का असर पर्यटन पर पड़ रहा है। पर्यटक नल पर गंदा पानी देखते ही कई बार अपनी बुकिंग कैंसिल कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से संज्ञान लेकर जल्द ही इस पर उचित कार्रवाई की मांग की है। जल संस्थान के अवर अभियंता हिमांशु बहुगुणा का कहना है कि बरसात के दौरान अधिक सिल्ट आने के कारण वह फिल्टर नहीं हो पाता है। इसके लिए विभाग की ओर से योजना प्रस्तावित की गई है।