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मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेश भर में बीडीसी बैठकों का बहिष्कार करेंगे प्रधान
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:56 PM IST
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उत्तरकाशी। ग्राम प्रधान संगठन ने एनजीओ के माध्यम से सोशल ऑडिट का विरोध करते हुए किसी तकनीकी दक्ष सरकारी संस्था से ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पंचायती राज मंत्री द्वारा एसआईटी जांच के दायरे में सिर्फ प्रधानों को लिए जाने पर भी नाराजगी जताई। मांग पूरी नहीं होने पर प्रधानों ने प्रदेशभर में बीडीसी बैठकों के बहिष्कार का एलान किया।
शनिवार को ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरवीर परमार की अध्यक्षता में डुंडा में प्रधानों की बैठक हुई। बैठक में प्रधानों ने एनजीओ के माध्यम से कराए जा रहे सोशल ऑडिट का विरोध किया। उन्होंने कहा कि एनजीओ के बजाय सरकार को किसी तकनीकी रूप से दक्ष सरकारी विभाग की ओर से ऑडिट कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूबे के पंचायतीराज मंत्री ने एक साल पहले एक माह के भीतर उत्तराखंड का अपना पंचायतीराज एक्ट लागू करने का दावा किया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने हाल ही में सरकार द्वारा पंचायतीराज विभाग में एसआईटी जांच कराने के निर्णय का स्वागत किया, लेकिन इसके दायरे में सिर्फ ग्राम पंचायतों के कार्यों को ही शामिल करने पर रोष जताया।
बैठक में ग्राम प्रधानों ने आपदा किट घोटाले के तार सरकार के मंत्री और आला अफसरों से जुड़े होने की आशंका जताई। प्रदेश अध्यक्ष परमार ने कहा कि जब उत्तरकाशी के डीएम की जांच में आपदा किट खरीद में घोटाले की पुष्टि हुई है, तो फिर सरकार अभी तक इसके दोषियों के नामों का खुलासा कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने से क्यों बच रही है। उन्होंने शीघ्र घोटाले का पर्दाफाश करने की मांग की। इस मौके पर धीरजलाल शाह, राकेश बिष्ट, अनिल रावत, राजेश, कल्याण सिंह राणा, पूजा रमोला आदि तमाम ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
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शनिवार को ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरवीर परमार की अध्यक्षता में डुंडा में प्रधानों की बैठक हुई। बैठक में प्रधानों ने एनजीओ के माध्यम से कराए जा रहे सोशल ऑडिट का विरोध किया। उन्होंने कहा कि एनजीओ के बजाय सरकार को किसी तकनीकी रूप से दक्ष सरकारी विभाग की ओर से ऑडिट कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूबे के पंचायतीराज मंत्री ने एक साल पहले एक माह के भीतर उत्तराखंड का अपना पंचायतीराज एक्ट लागू करने का दावा किया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने हाल ही में सरकार द्वारा पंचायतीराज विभाग में एसआईटी जांच कराने के निर्णय का स्वागत किया, लेकिन इसके दायरे में सिर्फ ग्राम पंचायतों के कार्यों को ही शामिल करने पर रोष जताया।
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बैठक में ग्राम प्रधानों ने आपदा किट घोटाले के तार सरकार के मंत्री और आला अफसरों से जुड़े होने की आशंका जताई। प्रदेश अध्यक्ष परमार ने कहा कि जब उत्तरकाशी के डीएम की जांच में आपदा किट खरीद में घोटाले की पुष्टि हुई है, तो फिर सरकार अभी तक इसके दोषियों के नामों का खुलासा कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने से क्यों बच रही है। उन्होंने शीघ्र घोटाले का पर्दाफाश करने की मांग की। इस मौके पर धीरजलाल शाह, राकेश बिष्ट, अनिल रावत, राजेश, कल्याण सिंह राणा, पूजा रमोला आदि तमाम ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
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