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आपदा के पांच दिन बाद भी यमुनोत्री के आपदा प्रभावितों को नहीं मिली राहत सहायता
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:48 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री धाम में अतिवृष्टि के पांच दिन बाद भी प्रभावितों को सहायता नहीं मिल पाई है। डीएम व विधायक जानकीचट्टी का दौरा कर चुके हैं, बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है।
बीते 16 जुलाई की देर रात यमुना नदी के उद्गम क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से यमुनोत्री और जानकीचट्टी क्षेत्र में भारी तबाही हुई थी। डीएम डा. आशीष चौहान ने 17 जुलाई को ही यमुनोत्री पहुंचकर हालात का जायजा लिया और प्रभावितों को राहत सहायता तथा धाम में शीघ्र पुनर्निर्माण कार्य का भरोसा दिलाया था। अगले दिन यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने भी जानकीचट्टी का दौरा कर प्रभावितों को शीघ्र मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन पांच दिन बाद भी प्रभावितों को सहायता नहीं मिल पाई है। महावीर पंवार, बलदेव सिंह, मनमोहन राणा, अरविंद, संजय पंवार, राजेंद्र आदि व्यापारियों ने सरकार से आपदा मानकों के तहत राहत सहायता देने की मांग की है।
कोट...
आपदा में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुंचने पर अहेतुक सहायता का प्रावधान नहीं है। साथ ही उक्त दुकानें सरकारी भूमि पर चल रही थीं। इन्हें मानकों के तहत मुआवजा देने का प्रावधान भी नहीं है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही इस संबंध में कार्रवाई की जा सकती है।
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बुद्धि लाल सरियाल, तहसीलदार बड़कोट।
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बीते 16 जुलाई की देर रात यमुना नदी के उद्गम क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से यमुनोत्री और जानकीचट्टी क्षेत्र में भारी तबाही हुई थी। डीएम डा. आशीष चौहान ने 17 जुलाई को ही यमुनोत्री पहुंचकर हालात का जायजा लिया और प्रभावितों को राहत सहायता तथा धाम में शीघ्र पुनर्निर्माण कार्य का भरोसा दिलाया था। अगले दिन यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने भी जानकीचट्टी का दौरा कर प्रभावितों को शीघ्र मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन पांच दिन बाद भी प्रभावितों को सहायता नहीं मिल पाई है। महावीर पंवार, बलदेव सिंह, मनमोहन राणा, अरविंद, संजय पंवार, राजेंद्र आदि व्यापारियों ने सरकार से आपदा मानकों के तहत राहत सहायता देने की मांग की है।
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कोट...
आपदा में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुंचने पर अहेतुक सहायता का प्रावधान नहीं है। साथ ही उक्त दुकानें सरकारी भूमि पर चल रही थीं। इन्हें मानकों के तहत मुआवजा देने का प्रावधान भी नहीं है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही इस संबंध में कार्रवाई की जा सकती है।
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बुद्धि लाल सरियाल, तहसीलदार बड़कोट।