{"_id":"5b5216944f1c1b39748b60ad","slug":"153210638415-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क निर्माण की मांग पर शिकारू के ग्रामीणों ने किया जुलूस प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क निर्माण की मांग पर शिकारू के ग्रामीणों ने किया जुलूस प्रदर्शन
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
पुरोला (उत्तरकाशी)। सड़क निर्माण की मांग को लेकर शिकारू गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सांकेतिक जाम लगाने के साथ ही तहसील पर प्रदर्शन किया। हालांकि बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने लोनिवि को दो हफ्ते के भीतर भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी कर शीघ्र सड़क निर्माण के निर्देश दिए।
बता दें कि ग्राम पंचायत करड़ा के अंतर्गत शिकारू गांव के ग्रामीणों द्वारा वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए चार किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। क्षेत्र में सेब, आलू, मटर की अच्छी पैदावार होती है, लेकिन सड़क के अभाव में ग्रामीण इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। बीमारों और प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुंचाने में खासी दिक्कत होती है। वर्ष 2008 में ग्रामीणों की मांग पर खलाड़ी से शिकारू तक पांच किमी सड़क स्वीकृत की गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण तो दूर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी नहीं हो पायी है।
सड़क नहीं बनने से गुस्साए ग्रामीणों ने तहसील पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और सांकेतिक जाम लगाया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष रवि प्रसाद कवि ने जाम खुलवाया। वहीं एसडीएम पूरण सिंह राणा ने लोनिवि के एई एवं जेई को बुलाकर दो हफ्ते के भीतर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर एक माह में सड़क का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए, तब ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शनकारियों में नवक्रांति संगठन के गजेंद्र चौहान, लोकेंद्र कंडियाल, लोकेश बडोनी, जयवीर कैंतुरा, महिपाल सिंह, मनमोहन सिंह, विनोद, जगत, संजय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि ग्राम पंचायत करड़ा के अंतर्गत शिकारू गांव के ग्रामीणों द्वारा वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए चार किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। क्षेत्र में सेब, आलू, मटर की अच्छी पैदावार होती है, लेकिन सड़क के अभाव में ग्रामीण इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। बीमारों और प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुंचाने में खासी दिक्कत होती है। वर्ष 2008 में ग्रामीणों की मांग पर खलाड़ी से शिकारू तक पांच किमी सड़क स्वीकृत की गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण तो दूर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी नहीं हो पायी है।
विज्ञापन
सड़क नहीं बनने से गुस्साए ग्रामीणों ने तहसील पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और सांकेतिक जाम लगाया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष रवि प्रसाद कवि ने जाम खुलवाया। वहीं एसडीएम पूरण सिंह राणा ने लोनिवि के एई एवं जेई को बुलाकर दो हफ्ते के भीतर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर एक माह में सड़क का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए, तब ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शनकारियों में नवक्रांति संगठन के गजेंद्र चौहान, लोकेंद्र कंडियाल, लोकेश बडोनी, जयवीर कैंतुरा, महिपाल सिंह, मनमोहन सिंह, विनोद, जगत, संजय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन