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पुलिया क्षतिग्रस्त होने से टूटा पिलंग- जौड़ाव गांवों का संपर्क
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:00 PM IST
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उत्तरकाशी। बारिश से पुलिया बहने के कारण एक ही ग्राम पंचायत के दो गांवों पिलंग व जौड़ाव का आपसी संपर्क कट गया है। वहीं बिजली की लाइन पर चीड़ का एक पेड़ गिरने से गांवों की विद्युत आपूर्ति भी ठप पड़ गई है।
पिलंग व जौड़ाव गांवों को जोड़ने वाला गार्डर पुल वर्ष 2005 में पिलंग गाड़ में आए उफान से बह गया था, लेकिन बीते 13 वर्षों से प्रशासन द्वारा यहां पर अस्थायी व्यवस्था के तहत कभी लॉग ब्रिज तो कभी ट्राली लगाई जाती है, जो हर बरसात के मौसम में बह जाती है। इसी क्रम में विगत 17 जुलाई को हुई बारिश में लकड़ी के तख्तों से बनाई गई पुलिया बह गई है। पुलिया बहने से जौड़ाव गांव के बच्चों को पिलंग गांव में मौजूद जूनियर हाईस्कूल जाने के बदले मजबूरन 18 किमी दूर मल्ला गांव में स्थित स्कूल जाना पड़ रहा है। वही
प्रधान जमुना देवी ने कहा कि 1991 के भूकंप में क्षतिग्रस्त हुई बिजली की लाइन को ठीक करने में विभाग को 22 साल लग गए थे, जो अब एक बार फिर से चीड़ का पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। उधर पिलंग गाड़ में पुल निर्माण की योजना 13 सालों से ठंडे बस्ते में पड़ी है। उन्होंने शासन प्रशासन से जल्द समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
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पिलंग व जौड़ाव गांवों को जोड़ने वाला गार्डर पुल वर्ष 2005 में पिलंग गाड़ में आए उफान से बह गया था, लेकिन बीते 13 वर्षों से प्रशासन द्वारा यहां पर अस्थायी व्यवस्था के तहत कभी लॉग ब्रिज तो कभी ट्राली लगाई जाती है, जो हर बरसात के मौसम में बह जाती है। इसी क्रम में विगत 17 जुलाई को हुई बारिश में लकड़ी के तख्तों से बनाई गई पुलिया बह गई है। पुलिया बहने से जौड़ाव गांव के बच्चों को पिलंग गांव में मौजूद जूनियर हाईस्कूल जाने के बदले मजबूरन 18 किमी दूर मल्ला गांव में स्थित स्कूल जाना पड़ रहा है। वही
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प्रधान जमुना देवी ने कहा कि 1991 के भूकंप में क्षतिग्रस्त हुई बिजली की लाइन को ठीक करने में विभाग को 22 साल लग गए थे, जो अब एक बार फिर से चीड़ का पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। उधर पिलंग गाड़ में पुल निर्माण की योजना 13 सालों से ठंडे बस्ते में पड़ी है। उन्होंने शासन प्रशासन से जल्द समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
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