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आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कें दुरुस्त नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कत
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:41 PM IST
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बड़कोट/उत्तरकाशी। यमुना नदी में आए उफान से खरादी-नगाणगांव मोटर पुल की एप्रोच रोड बहने से ठकराल पट्टी के करीब एक दर्जन गांव अलग-थलग पड़े हैं। इधर, डिगिला पुल के पास असी गंगा के कटाव से ध्वस्त गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग पर भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
क्षेत्र के नवीन चौहान ने बताया कि पुल की एप्रोच वर्ष 2013 की आपदा में बह गई थी। तब से यहां यमुना के मलबे पर तैयार सड़क से ही वाहनों की आवाजाही चल रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र एप्रोच रोड का निर्माण कराकर सुरक्षित यातायात की व्यवस्था करने की मांग की है।
इधर, असी गंगा में आए उफान में गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग डिगिला के पास क्षतिग्रस्त हो गया था। मंगलवार शाम को पीएमजीएसवाई ने यहां पहाड़ की ओर कटान कर किसी तरह वाहनों को पार कराया, लेकिन रात को यह हिस्सा भी धराशायी हो गया। क्षेत्र के ग्रामीण इस स्थान से आगे पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। संगमचट्टी से सेकू गांव की वन विभाग की सड़क भी जगह-जगह मलबा आने से अवरुद्ध हो गई है।
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क्षेत्र के नवीन चौहान ने बताया कि पुल की एप्रोच वर्ष 2013 की आपदा में बह गई थी। तब से यहां यमुना के मलबे पर तैयार सड़क से ही वाहनों की आवाजाही चल रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र एप्रोच रोड का निर्माण कराकर सुरक्षित यातायात की व्यवस्था करने की मांग की है।
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इधर, असी गंगा में आए उफान में गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग डिगिला के पास क्षतिग्रस्त हो गया था। मंगलवार शाम को पीएमजीएसवाई ने यहां पहाड़ की ओर कटान कर किसी तरह वाहनों को पार कराया, लेकिन रात को यह हिस्सा भी धराशायी हो गया। क्षेत्र के ग्रामीण इस स्थान से आगे पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। संगमचट्टी से सेकू गांव की वन विभाग की सड़क भी जगह-जगह मलबा आने से अवरुद्ध हो गई है।
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