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विद्युत उत्पादन पर भारी पड़ रही गंगा भागीरथी के पानी में बढ़ रही सिल्ट की मात्रा
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:48 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगा भागीरथी के जलागम क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश विद्युत उत्पादन पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को गंगा भागीरथी के पानी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने पर एक बार फिर मनेरी भाली प्रथम और द्वितीय चरण परियोजना की टरबाइनें आठ घंटे तक थमी रहीं, जिससे जल विद्युत निगम को करीब तीन मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नुकसान उठाना पड़ा।
रविवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से गंगा भागीरथी के पानी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने पर सोमवार सुबह चार बजे 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम और 304 मेगावाट की स्टेज टू परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो गई थी। हालांकि इन दोनों परियोजनाओं में सोमवार शाम क्रमश: छह बजे और चार बजे विद्युत उत्पादन बहाल कर लिया गया था, लेकिन सोमवार रात को फिर बारिश से सिल्ट की मात्रा बढ़ने पर दोनों परियोजनाओं की टरबाइनें मंगलवार सुबह पांच बजे बंद करनी पड़ीं। तिलोथ विद्युत गृह के ईई अरविंद गौड़ ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे गंगा भागीरथी में सिल्ट की मात्रा 2300 पीपीएम (पार्टिकल्स पर मिलियन) पहुंचने पर विद्युत उत्पादन बंद कर मनेरी बैराज से फ्लशिंग (सफाई) करनी पड़ी। सिल्ट का लेबल कम होने पर दोपहर सवा एक बजे दोबारा उत्पादन शुरू किया गया।
इधर जोशियाड़ा बैराज के एई उदय गुप्ता ने बताया कि मंगलवार सुबह गंगा भागीरथी में सिल्ट का लेबल 3500 पीपीएम पहुंचने पर धरासू विद्युतगृह में उत्पादन बंद करना पड़ा। दोपहर एक बजे यहां फिर से उत्पादन बहाल कर लिया गया। मानसून सीजन में अभी तक मंगलवार को मनेरी बैराज पर सर्वाधिक 618 क्यूमेक्स और जोशियाड़ा बैराज पर 670 क्यूमेक्स वाटर डिसचार्ज दर्ज किया गया। नदी में पानी बढ़ने पर पूर्व में जमा बाढ़ का मलबा बहकर आने से सिल्ट की मात्रा बढ़ रही है, जिससे बार-बार विद्युत उत्पादन बंद करने की नौबत आ रही है।
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रविवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से गंगा भागीरथी के पानी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने पर सोमवार सुबह चार बजे 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम और 304 मेगावाट की स्टेज टू परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो गई थी। हालांकि इन दोनों परियोजनाओं में सोमवार शाम क्रमश: छह बजे और चार बजे विद्युत उत्पादन बहाल कर लिया गया था, लेकिन सोमवार रात को फिर बारिश से सिल्ट की मात्रा बढ़ने पर दोनों परियोजनाओं की टरबाइनें मंगलवार सुबह पांच बजे बंद करनी पड़ीं। तिलोथ विद्युत गृह के ईई अरविंद गौड़ ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे गंगा भागीरथी में सिल्ट की मात्रा 2300 पीपीएम (पार्टिकल्स पर मिलियन) पहुंचने पर विद्युत उत्पादन बंद कर मनेरी बैराज से फ्लशिंग (सफाई) करनी पड़ी। सिल्ट का लेबल कम होने पर दोपहर सवा एक बजे दोबारा उत्पादन शुरू किया गया।
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इधर जोशियाड़ा बैराज के एई उदय गुप्ता ने बताया कि मंगलवार सुबह गंगा भागीरथी में सिल्ट का लेबल 3500 पीपीएम पहुंचने पर धरासू विद्युतगृह में उत्पादन बंद करना पड़ा। दोपहर एक बजे यहां फिर से उत्पादन बहाल कर लिया गया। मानसून सीजन में अभी तक मंगलवार को मनेरी बैराज पर सर्वाधिक 618 क्यूमेक्स और जोशियाड़ा बैराज पर 670 क्यूमेक्स वाटर डिसचार्ज दर्ज किया गया। नदी में पानी बढ़ने पर पूर्व में जमा बाढ़ का मलबा बहकर आने से सिल्ट की मात्रा बढ़ रही है, जिससे बार-बार विद्युत उत्पादन बंद करने की नौबत आ रही है।
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