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उत्तराखंड में बायोटेक व वन विभाग मिलकर करेंगें शोध कार्य
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एमओयू के दौरान बायोटेक व वन विभाग के अधिकारी।
- फोटो : RUDRAPUR
जैव प्रौद्योगिकी परिषद् (बायोटेक) हल्दी व वन विभाग (साल क्षेत्र) हल्द्वानी मिलकर प्रदेश में जैव प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देंगे। बायोटेक और वन विभाग के बीच हुए करार के तहत विभिन्न प्रकार के बहुमूल्य पौधों का उत्पादन बायोटेक में किया जाएगा। साथ ही बायोटेक और वन विभाग में होने वाले शोध कार्यों व तकनीकी जानकारियों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।
बायोटेक के निदेशक प्रो. डीके सिंह और वन विभाग (साल क्षेत्र) हल्द्वानी के अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर प्रदेश हित में अपनी कटिबद्धता पर सहमति प्रदान की है। एमओयू के दौरान सहमति पत्र पर गवाह के रूप में बायोटेक के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुमित पुरोहित तथा अमित पुरोहित, ओपी वार्ष्णेय व वन विभाग हल्द्वानी के अधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने हस्ताक्षर किए।
वहीं बायोटेक प्रदेश के युवाओं में जैव प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू कर इसे प्रसारित व प्रचारित करने के लिए कटिबद्ध है। एमओयू के तहत प्रदेश के मानव संसाधन को जैव प्रौद्योगिकी के आधुनिकतम क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रशिक्षण प्रदान करना है और प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित शोध कार्यों एवं जैव प्रौद्योगिकी उद्यमिता का विकास करना है। वर्तमान में बायोटेक और हल्द्वानी का एक निजी संस्थान जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य करने के लिए आपसी समझ से सहमत हो चुके हैं।
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बायोटेक के निदेशक प्रो. डीके सिंह और वन विभाग (साल क्षेत्र) हल्द्वानी के अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर प्रदेश हित में अपनी कटिबद्धता पर सहमति प्रदान की है। एमओयू के दौरान सहमति पत्र पर गवाह के रूप में बायोटेक के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुमित पुरोहित तथा अमित पुरोहित, ओपी वार्ष्णेय व वन विभाग हल्द्वानी के अधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने हस्ताक्षर किए।
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वहीं बायोटेक प्रदेश के युवाओं में जैव प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू कर इसे प्रसारित व प्रचारित करने के लिए कटिबद्ध है। एमओयू के तहत प्रदेश के मानव संसाधन को जैव प्रौद्योगिकी के आधुनिकतम क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रशिक्षण प्रदान करना है और प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित शोध कार्यों एवं जैव प्रौद्योगिकी उद्यमिता का विकास करना है। वर्तमान में बायोटेक और हल्द्वानी का एक निजी संस्थान जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य करने के लिए आपसी समझ से सहमत हो चुके हैं।
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