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Udham Singh Nagar News: अटरिया मेले की नहीं मिली थी अनुमति, प्रशासन ने शुरू की राजस्व वसूली
Fri, 10 May 2024 11:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 10 May 2024 11:36 PM IST
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रुद्रपुर। बगैर अनुमति संचालित हुए प्रसिद्ध अटरिया मेले के संपन्न होने के बाद अब प्रशासन इस मामले में सक्रिय हो गया है। एसडीएम के निर्देश पर पिछले साल के बराबर राजस्व वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब तक मेला आयोजन समिति 12 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा करा चुकी है। एसडीएम के अनुसार पिछले साल के बराबर पूरी धनराशि को जमा कराया जाएगा।
दरअसल प्राचीन अटरिया देवी मंदिर परिसर में अष्टमी पर मां अटरिया का डोला पहुंचने के बाद से ही मेले की शुरूआत हो जाती है। 21 दिन बाद डोले के वापस जाने के बाद मेला खत्म होता है। पिछले साल मंदिर की मेला समिति और ठेकेदारों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने मेला आयोजन की नीलामी कराई थी। सबसे अधिक बोली 22 लाख 35 हजार की लगी थी और जीएसटी सहित 26 लाख से अधिक का राजस्व मिला था। लेकिन इस बार आचार संहिता के चलते मेले की नीलामी नहीं हो सकी थी। प्रशासन की ओर से मेले की अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद भव्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में खानपान की दुकानों के साथ ही झूले, सर्कस और अन्य दुकानें सजी थीं। छह मई को मेला खत्म होने के बाद एसडीएम ने राजस्व वसूली की कार्रवाई शुरू की है और आयोजन समिति के लोगों को पिछले साल के बराबर राजस्व जमा करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम मनीष बिष्ट ने बताया कि मेला आयोजकों से 12 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं। जल्द से जल्द पिछले साल के बराबर धनराशि जमा कराई जाएगी।
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दरअसल प्राचीन अटरिया देवी मंदिर परिसर में अष्टमी पर मां अटरिया का डोला पहुंचने के बाद से ही मेले की शुरूआत हो जाती है। 21 दिन बाद डोले के वापस जाने के बाद मेला खत्म होता है। पिछले साल मंदिर की मेला समिति और ठेकेदारों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने मेला आयोजन की नीलामी कराई थी। सबसे अधिक बोली 22 लाख 35 हजार की लगी थी और जीएसटी सहित 26 लाख से अधिक का राजस्व मिला था। लेकिन इस बार आचार संहिता के चलते मेले की नीलामी नहीं हो सकी थी। प्रशासन की ओर से मेले की अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद भव्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में खानपान की दुकानों के साथ ही झूले, सर्कस और अन्य दुकानें सजी थीं। छह मई को मेला खत्म होने के बाद एसडीएम ने राजस्व वसूली की कार्रवाई शुरू की है और आयोजन समिति के लोगों को पिछले साल के बराबर राजस्व जमा करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम मनीष बिष्ट ने बताया कि मेला आयोजकों से 12 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं। जल्द से जल्द पिछले साल के बराबर धनराशि जमा कराई जाएगी।
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