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पानी में डूब रहा घर-बार, अब तो सुध ले लो सरकार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 12:45 AM IST
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People face problem due to water logging.
खटीमा के सिसैया बंधा में घरों में भरा पानी। संवाद - फोटो : KHATIMA
खटीमा। शारदा सागर डैम के ऊपरी हिस्से के कई गांवों में पानी भर गया है। लगातार 20 दिन से भरा पानी कम नहीं हो रहा, इससे मकान गिरने के कगार पर हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीण नाव से आवाजाही करने को मजबूर हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जलभराव हो गया है। गन्ने की फसल जलमग्न हो गई है। बच्चों को स्कूल छूट गया है। ग्रामीण दूर-दराज क्षेत्रों में दिन भर मजदूरी करते हैं और रात में अपने गांव में पहरा देते हैं।
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शारदा सागर डैम के किनारे बने बसे गांवों में हर साल जलभराव होता है लेकिन इस बार राजस्व ग्राम बगुलिया के तोक झाउपरसा और बलुआ खैरानी में तीन से चार फुट पानी भर गया है। मेलाघाट रोड पर भी जलभराव है। पुल के शारदा सागर डैम की ओर कुछ फासले से ग्रामीण भू-भाग जलमग्न अवस्था में है। ग्रामीणों का कहना है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकार की उदासीनता उनके लिए परेशानी का सबब बन गई है। कई बार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, केनाल विभाग यूपी और उत्तराखंड को स्थिति से अवगत कराया जा चुका है फिर भी कोई सुध नहीं ले रहा।
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लोगों की पीड़ा
- 70 साल में इतना पानी कभी नहीं भरा। घरों में पानी भरने से विषैले जीवों का खतरा बना हुआ है। रात के समय लावारिस जानवर परेशान करते हैं। जलभराव से गन्ने की फसल सड़ने लगी है। कटा गन्ना निकालना दुश्वार हो गया है। यूपी और उत्तराखंड की सरकारों की उदासीनता समस्या बढ़ा रही है। -रामजतन साहनी
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- खेत खलिहान, घर-आंगन जलमग्न हो गया है। सरकार उन्हें कहीं अंयत्र बसा दे। इस तरह कब तक परेशान होते रहेंगे। मौजूदा हालात से ग्रामीणों की दिनचर्या डगमगा गई है। -सोमवती
- पिछले 65 साल में इतना पानी कभी नहीं भरा। तमाम कोशिशों के बाद भी जल स्तर घटने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। डैम के ऊपरी भाग में बसे ग्रामीणों के अलावा राजस्व ग्रामों की भी स्थिति दयनीय बन चुकी है। यूपी के साथ ही उत्तराखंड सरकार भी कुछ नहीं कर रही है। -द्वारिका प्रसाद
- इस बार शारदा सागर डैम में रिकार्ड पानी भरने से एक महीने से सब परेशान हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जलमग्न हालात में दिन भर मेहनत मजदूरी करने वालों को रात में पहरा देना पड़ता है। फसल भी जलमग्न हो गई है। -ज्ञानवती
- पिछले डेढ़ माह से अधिक समय से भरे पानी से जनजीवन प्रभावित चल रहा है। गांव में लगभग तीन सौ एकड़ गन्ना आदि की फसल जलमग्न है। बच्चे और पालतू जानवर भी परेशान हैं। पानी में विषैले जीव आने लगे हैं। -लल्लन साहनी
- डैम के ऊपरी हिस्से में इस बार रिकार्ड पानी भरने से ग्रामीण पेरशान हैं। डेढ़ महीने से अधिक समय से भरा पानी घटने का नाम नहीं ले रहा है। कच्चे मकान जलमग्न होकर गिरने के कगार पर हैं, उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। -रामस्वरूप
एसडीएम का पक्ष
शारदा डैम के ऊपरी हिस्से में बसे बंधे के ग्रामीण अतिक्रमण की जद में आते हैं लेकिन एकदम पानी भरा जाना चिंताजनक है। इसके अलावा भूमिधरी वाली जमीन पर जलभराव होने और स्थलीय निरीक्षण कर सर्वे रिपोर्ट देने वाले अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट सोमवार तक दी जाएगी। इस बीच शारदा सागर डैम के पीलीभीत और बरेली के अधिकारियों से भी बात कर रिपोर्ट दी जाएगी। सही रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर डैम प्रशासन के विरुद्घ 133 के तहत एक्शन लिया जाएगा।
-रविंद्र सिंह बिष्ट, एसडीएम खटीमा।
काली मंदिर में नहीं कर सके पूजा
खटीमा। सिसैया बंधे में पानी भरने से इस बार ग्रामीण नवरात्रि पूजा गांव के काली मंदिर में नहीं कर पाए। ग्रामीणों का कहना है कि पूजा स्थल काली मंदिर एक महीने से जलमग्न स्थिति में है। इस बार ग्रामीण नवरात्रि की पूजा अर्चना अपने घरों में ही कर रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद
खटीमा। डैम में अधिक पानी भरने से ग्रामीण शौचालयों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त गांव में चलने वाले दो आंगनबाड़ी केंद्र बंद पड़े हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों में बलुआ खैरानी और बीच बंधा शामिल है।
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