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नेशनल सर्वर से जुड़ा रुद्रपुर एआरटीओ दफ्तर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
Updated Wed, 30 Dec 2015 12:43 AM IST
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टीओ कार्यालय में वाहन-फोर (साफ्टवेयर) ने मंगलवार से काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत कार्यालय का सर्वर सीधे नेशनल सर्वर से जुड़ गया है। इसके तहत वाहनों के रजिस्ट्रेशन सहित सभी काम ऑनलाइन होंगे। रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय कुमाऊं का पहला कार्यालय है, जिसमें वाहन-फोर लागू हुआ है। अब दफ्तर में पंजीकृत हुए वाहनों का डाटा दिल्ली में नेशनल सर्वर में रहेगा।
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मंगलवार को सॉफ्टवेयर की शुरुआत अशोक कुमार की कार का रजिस्ट्रेशन करके किया गया। साफ्टवेयर में जहां लोग अपनी गाड़ी का टैक्स का पता कर सकेंगे, वहीं व्यवसायिक गाड़ियों का टैक्स जमा भी किया जा सकेगा। फिलहाल अभी ऑनलाइन कार्य कराने के लिए लोगों को एआरटीओ दफ्तर ही आना पड़ेगा।
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एआरटीओ नंदकिशोर ने बताया कि पहले पंजीकृत वाहनों का डाटा वीपीएन से नेशनल स्तर पर भेजा जाता था। ऐसे में वाहनों की एनओसी वेरिफेशन में महीनों लग जाते थे, लेकिन अब गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और डीएल बनते ही उसका डाटा सीधा नेशनल सर्वर में पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश के बाद रुद्रपुर तीसरा दफ्तर है, जहां वाहन-फोर (साफ्टवेयर) शुरू किया गया है।
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उन्होंने कहा कि भविष्य में डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन शुरू होने पर लोगों को विभाग के दफ्तर में आने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन होने से पहले वाहन स्वामी को डिस्क्लेमर दिया जाएगा। उसमें वाहन स्वामी के हस्ताक्षर के बाद ही शुल्क जमा होगा। शुल्क जमा होने के बाद दस्तावेजों में कोई संशोधन नहीं हो सकेगा। उन्होंने बताया दूसरे चरण में प्राइवेट वाहनों के भी टैक्स ऑनलाइन जमा हो सकेंगे। बता दें कि 2004-05 में परिवहन विभाग ने कंप्यूटराइजेशन के तहत एनआईसी के सहयोग से वाहन, सारथी योजना शुरू की थी।