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Udham Singh Nagar News: धान तौल के लिए एसएमओ कार्यालय घेरा, किया प्रदर्शन
Wed, 11 Oct 2023 12:17 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 11 Oct 2023 12:17 AM IST
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-10एसटीजी03पी: सितारगंज मंडी में एसएमओ का घिराव करने के दौरान अधिकारियों से वार्ता करते भाकिय
सितारगंज। धान तौल चालू न होने से नाराज किसानों ने एसएमओ ओमनारायण मिश्रा का घेराव कर प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों के शोषण का आरोप लगाया।
भाकियू टिकैत के यूपी और उत्तराखंड प्रभारी बलजिंदर सिंह मान के नेतृत्व में किसान मंगलवार को एसएमओ कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों ने तौल चालू कराने के लिए प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय केंद्र केवल औपचारिकता निभा रहे हैं।
यहां आरएफसी के तीन तौल केंद्र हैं। वहां रोजाना 1,500 क्विंटल धान की तौल होनी चाहिए लेकिन कुल दो सौ क्विंटल धान खरीदना चिंताजनक है। कहा कि अधिकांश क्रय केंद्र गांवों में हैं। वहां कोई तौल नहीं हो रही है। तौल क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि राइस मिल आवंटन के बिना तौल नहीं हो सकती। चेतावनी दी कि बुधवार से धान खरीद नहीं हुई तो किसान आंदोलन करेंगे।
सूचना मिलने पर तहसीलदार पूजा शर्मा, नायब तहसीलदार बंदोबस्त जगमोहन त्रिपाठी, मंडी सचिव विनोद पलड़िया भी एसएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्या सुनकर क्षेत्र के सभी 50 केंद्रों में धान तौल तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
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अधिकारियों ने पांच राइस मिल समेत मंडी समेत नकटपुर आदि गांवों में लगाए क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। कहा कि लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर डीएम को रिपोर्ट भेजेंगे। वहां भाकियू के प्रदेश महासचिव योगेंद्र यादव, प्रदेश सचिव मलूक सिंह खिंडा, जिला उपाध्यक्ष जसवंत सिंह, जिला प्रवक्ता गुरसाहब सिंह, मंडी के पूर्व चेयरमैन हरपाल सिंह, दिलबाग सिंह, करमजीत गिल, कुलदीप सिंह ढाली आदि थे।
बाजपुर में 460 क्विंटल धान की हुई खरीद
बाजपुर। मंडी समिति परिसर में लगे खाद्य विभाग के तौल केंद्रों पर मंगलवार को 460 क्विंटल धान खरीदा गया। कुल 2,149 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। भाजपा नेता राजेश कुमार ने कार्यकर्ताओं के साथ धान तौल केंद्रों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याएं सुनीं। कहा कि धान तौल केंद्रों पर किसानों को अधिकतम सुविधा दिलाई जाएगी।
कोड जारी नहीं, पर्ची से धान खरीद रही राइस मिल
रुद्रपुर। किसानों के आक्रोश के बाद जिला प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद मंगलवार को दो राइस मिल में दो किसानों का 300 क्विंटल धान खरीदा। जिले में खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, पीसीयू, एनसीसीएफ की ओर से 202 क्रय केंद्रों पर 72 किसानों से 557.880 क्विंटल धान खरीद हुई है। खाद्य विभाग ने 952.680 क्विंटल कॉमन, ग्रेड-ए का 28.440 क्विंटल धान खरीदा गया है। सहकारिता विभाग ने 256.560 क्विंटल कॉमन धान खरीदा है।
राइस मिलों (कच्चा आढ़ती) को आरएफसी की ओर से कोड जारी नहीं किए गए। खाद्य विभाग ने वैकल्पिक तौर पर पर्ची के माध्यम से राइस मिल में धान बिकवाया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीडी अग्रवाल ने बताया कि कच्चा आढ़तियों के कोड नंबर के लिए 80 फाइलें आरएफसी को भेज दी हैं। आरएफसी के बीएस फिरमाल ने बताया कि बुधवार को कच्चा आढ़तियों को कोड मिल जाएंगे।
यूएस नगर में सबसे अधिक, नैनीताल व चंपावत में खरीद शून्य
रुद्रपुर। खाद्य विभाग के मुताबिक नैनीताल, चंपावत में खाद्य, सहकारिता विभाग के क्रय केंद्रों में खरीद शून्य है जबकि जिले में 1,209.240 कॉमन धान की कुल खरीद हो चुकी है, वहीं ग्रेड-ए की 28.440 क्विंटल धान की खरीद हो गई है।
उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने बांटे पर्चे
रुद्रपुर। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने किसानों को क्रय केंद्रों में धान बेचने की अपील के पर्चे छपवाए हैं। बोर्ड के एमडी आशीष भटगाईं ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए वाटर मैन, बाल्टी, लोटा, गिलास, मटके, तिरपाल की सुविधा है। बैठने के लिए तख्त, दरी, कुर्सी मिलेगी। क्रय संस्थाओं व कच्चा आढ़तियों के माध्यम से 72 घंटे के अंदर किसानों को आरटीजीएस से भुगतान किया जाएगा।
आवेदन के सात दिन बाद भी कोड जारी नहीं
रुद्रपुर। धान खरीद के लिए तीन कच्चा आढ़तियों ने तीन अक्तूबर को विभाग में कोड के लिए आवेदन किया था लेकिन सात दिन बाद भी कोड जारी नहीं हो सके। किसानों के आंदोलन करने पर ही कोड जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई।
कच्चा आढ़ती और राइस मिलर के आए 184 आवेदन
जिले में कच्चा आढ़ती और राइस मिलर्स के आवेदन
केंद्र कच्चा आढ़ती राइस मिलर
जसपुर 12 12
काशीपुर 12 12
गदरपुर 08 08
बाजपुर 07 07
किच्छा 07 07
सितारगंज 08 08
खटीमा 06 06
नानकमत्ता 23 23
लालपुर 05 05
रुद्रपुर 04 04
कुल 92 92
धान खरीद के लिए तराई पर 90 प्रतिशत निर्भरता
खटीमा। खरीफ विपणन सत्र 2023-24 के लिए इस साल कुमाऊं मंडल को 21,50,000 क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य के 90 प्रतिशत पूर्ति के लिए सभी संस्थाएं ऊधमसिंह नगर जिले पर निर्भर हैं। इसके बावजूद जिले के किसानों को एमएसपी समेत क्रय केंद्रों पर कुर्सियां, पेयजल, पंखे जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं हैं। जिले की कई मंडी समितियों में कच्ची आढ़त तक तैयार नहीं हैं। इस कारण अधिकतर किसानों को अपना धान औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।
पीलीभीत रोड स्थित मंडी समिति में खाद्य विभाग, यूसीएफ समेत कई संस्थाओं के धान क्रय केंद्र खुले हैं लेकिन अभी कच्ची मंडी या कच्ची आढ़त नहीं बनी है। इस कारण धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी आने पर किसानों को 1,600 रुपये प्रति क्विंटल तक की दर से धान बेचना पड़ रहा है जबकि सरकार ने इस साल सामान्य धान का मूल्य 2,183 और ग्रेड ए का मूल्य 2,203 प्रति क्विंटल तय किया है।
एमएसपी पर धान खरीद न होने से नगरातराई, चौड़ापानी, दमगड़ा, चारुबेटा, झनकट समेत कई गांवों के किसान परेशान हैं। कुमाऊं के छह में से तीन जिलों में ही धान खरीद हो रही है। कुमाऊं के कुल 239 क्रय केंद्रों में से 202 केंद्र ऊधमसिंह नगर में हैं जबकि चंपावत और नैनीताल के दो जिलों में सिर्फ 37 क्रय केंद्र स्वीकृत हैं।
डिप्टी आरएमओ अशोक कुमार ने बताया कि किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया गया है। जिला सहायक निबंधक डॉ. बीएस मनराल बताते हैं कि क्रय केंद्रों पर किसानों को मूलभूत सुविधाएं दिलाना मंडी समितियों का कार्य है। प्रशासन ने भी मंडी समितियां को इसके लिए निर्देशित किया है।
खटीमा मंडी समिति में अभी कच्ची आढ़त तैयार नहीं हुई है। मंडी में कम नमी का धान ला रहे चंद किसानों का धान बिक रहा है। मानकों के अनुसार धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर खरीद नहीं हो रही है। इस कारण किसानों को धान का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। - राकेश राणा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति मोर्चा।
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भाकियू टिकैत के यूपी और उत्तराखंड प्रभारी बलजिंदर सिंह मान के नेतृत्व में किसान मंगलवार को एसएमओ कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों ने तौल चालू कराने के लिए प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय केंद्र केवल औपचारिकता निभा रहे हैं।
यहां आरएफसी के तीन तौल केंद्र हैं। वहां रोजाना 1,500 क्विंटल धान की तौल होनी चाहिए लेकिन कुल दो सौ क्विंटल धान खरीदना चिंताजनक है। कहा कि अधिकांश क्रय केंद्र गांवों में हैं। वहां कोई तौल नहीं हो रही है। तौल क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि राइस मिल आवंटन के बिना तौल नहीं हो सकती। चेतावनी दी कि बुधवार से धान खरीद नहीं हुई तो किसान आंदोलन करेंगे।
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सूचना मिलने पर तहसीलदार पूजा शर्मा, नायब तहसीलदार बंदोबस्त जगमोहन त्रिपाठी, मंडी सचिव विनोद पलड़िया भी एसएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्या सुनकर क्षेत्र के सभी 50 केंद्रों में धान तौल तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
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अधिकारियों ने पांच राइस मिल समेत मंडी समेत नकटपुर आदि गांवों में लगाए क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। कहा कि लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर डीएम को रिपोर्ट भेजेंगे। वहां भाकियू के प्रदेश महासचिव योगेंद्र यादव, प्रदेश सचिव मलूक सिंह खिंडा, जिला उपाध्यक्ष जसवंत सिंह, जिला प्रवक्ता गुरसाहब सिंह, मंडी के पूर्व चेयरमैन हरपाल सिंह, दिलबाग सिंह, करमजीत गिल, कुलदीप सिंह ढाली आदि थे।
बाजपुर में 460 क्विंटल धान की हुई खरीद
बाजपुर। मंडी समिति परिसर में लगे खाद्य विभाग के तौल केंद्रों पर मंगलवार को 460 क्विंटल धान खरीदा गया। कुल 2,149 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। भाजपा नेता राजेश कुमार ने कार्यकर्ताओं के साथ धान तौल केंद्रों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याएं सुनीं। कहा कि धान तौल केंद्रों पर किसानों को अधिकतम सुविधा दिलाई जाएगी।
कोड जारी नहीं, पर्ची से धान खरीद रही राइस मिल
रुद्रपुर। किसानों के आक्रोश के बाद जिला प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद मंगलवार को दो राइस मिल में दो किसानों का 300 क्विंटल धान खरीदा। जिले में खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, पीसीयू, एनसीसीएफ की ओर से 202 क्रय केंद्रों पर 72 किसानों से 557.880 क्विंटल धान खरीद हुई है। खाद्य विभाग ने 952.680 क्विंटल कॉमन, ग्रेड-ए का 28.440 क्विंटल धान खरीदा गया है। सहकारिता विभाग ने 256.560 क्विंटल कॉमन धान खरीदा है।
राइस मिलों (कच्चा आढ़ती) को आरएफसी की ओर से कोड जारी नहीं किए गए। खाद्य विभाग ने वैकल्पिक तौर पर पर्ची के माध्यम से राइस मिल में धान बिकवाया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीडी अग्रवाल ने बताया कि कच्चा आढ़तियों के कोड नंबर के लिए 80 फाइलें आरएफसी को भेज दी हैं। आरएफसी के बीएस फिरमाल ने बताया कि बुधवार को कच्चा आढ़तियों को कोड मिल जाएंगे।
यूएस नगर में सबसे अधिक, नैनीताल व चंपावत में खरीद शून्य
रुद्रपुर। खाद्य विभाग के मुताबिक नैनीताल, चंपावत में खाद्य, सहकारिता विभाग के क्रय केंद्रों में खरीद शून्य है जबकि जिले में 1,209.240 कॉमन धान की कुल खरीद हो चुकी है, वहीं ग्रेड-ए की 28.440 क्विंटल धान की खरीद हो गई है।
उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने बांटे पर्चे
रुद्रपुर। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने किसानों को क्रय केंद्रों में धान बेचने की अपील के पर्चे छपवाए हैं। बोर्ड के एमडी आशीष भटगाईं ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए वाटर मैन, बाल्टी, लोटा, गिलास, मटके, तिरपाल की सुविधा है। बैठने के लिए तख्त, दरी, कुर्सी मिलेगी। क्रय संस्थाओं व कच्चा आढ़तियों के माध्यम से 72 घंटे के अंदर किसानों को आरटीजीएस से भुगतान किया जाएगा।
आवेदन के सात दिन बाद भी कोड जारी नहीं
रुद्रपुर। धान खरीद के लिए तीन कच्चा आढ़तियों ने तीन अक्तूबर को विभाग में कोड के लिए आवेदन किया था लेकिन सात दिन बाद भी कोड जारी नहीं हो सके। किसानों के आंदोलन करने पर ही कोड जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई।
कच्चा आढ़ती और राइस मिलर के आए 184 आवेदन
जिले में कच्चा आढ़ती और राइस मिलर्स के आवेदन
केंद्र कच्चा आढ़ती राइस मिलर
जसपुर 12 12
काशीपुर 12 12
गदरपुर 08 08
बाजपुर 07 07
किच्छा 07 07
सितारगंज 08 08
खटीमा 06 06
नानकमत्ता 23 23
लालपुर 05 05
रुद्रपुर 04 04
कुल 92 92
धान खरीद के लिए तराई पर 90 प्रतिशत निर्भरता
खटीमा। खरीफ विपणन सत्र 2023-24 के लिए इस साल कुमाऊं मंडल को 21,50,000 क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य के 90 प्रतिशत पूर्ति के लिए सभी संस्थाएं ऊधमसिंह नगर जिले पर निर्भर हैं। इसके बावजूद जिले के किसानों को एमएसपी समेत क्रय केंद्रों पर कुर्सियां, पेयजल, पंखे जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं हैं। जिले की कई मंडी समितियों में कच्ची आढ़त तक तैयार नहीं हैं। इस कारण अधिकतर किसानों को अपना धान औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।
पीलीभीत रोड स्थित मंडी समिति में खाद्य विभाग, यूसीएफ समेत कई संस्थाओं के धान क्रय केंद्र खुले हैं लेकिन अभी कच्ची मंडी या कच्ची आढ़त नहीं बनी है। इस कारण धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी आने पर किसानों को 1,600 रुपये प्रति क्विंटल तक की दर से धान बेचना पड़ रहा है जबकि सरकार ने इस साल सामान्य धान का मूल्य 2,183 और ग्रेड ए का मूल्य 2,203 प्रति क्विंटल तय किया है।
एमएसपी पर धान खरीद न होने से नगरातराई, चौड़ापानी, दमगड़ा, चारुबेटा, झनकट समेत कई गांवों के किसान परेशान हैं। कुमाऊं के छह में से तीन जिलों में ही धान खरीद हो रही है। कुमाऊं के कुल 239 क्रय केंद्रों में से 202 केंद्र ऊधमसिंह नगर में हैं जबकि चंपावत और नैनीताल के दो जिलों में सिर्फ 37 क्रय केंद्र स्वीकृत हैं।
डिप्टी आरएमओ अशोक कुमार ने बताया कि किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया गया है। जिला सहायक निबंधक डॉ. बीएस मनराल बताते हैं कि क्रय केंद्रों पर किसानों को मूलभूत सुविधाएं दिलाना मंडी समितियों का कार्य है। प्रशासन ने भी मंडी समितियां को इसके लिए निर्देशित किया है।
खटीमा मंडी समिति में अभी कच्ची आढ़त तैयार नहीं हुई है। मंडी में कम नमी का धान ला रहे चंद किसानों का धान बिक रहा है। मानकों के अनुसार धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर खरीद नहीं हो रही है। इस कारण किसानों को धान का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। - राकेश राणा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति मोर्चा।