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किसान की मौत से सदमे में हैं परिजन
ब्यूरो, अमर उजाला, काशीपुर
Updated Tue, 05 May 2015 01:28 PM IST
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बेमौसमी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के सदमे से किसान की मौत के बाद उसके परिजन भी सदमे में हैं। परिवार के मुखिया की मौत के बाद उन्हें जीने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर परिजनों को नहीं सूझ रहा कि पांच दिन बाद मृतक की पुत्री की शादी कैसे होगी।
ग्राम रायपुर निवासी भोला सिंह पुत्र बुद्ध सिंह (48) की ढाई एकड़ गेहूं की फसल बेमौसमी बारिश और ओले से नष्ट हो गई थी। इसके अतिरिक्त उसने दो एकड़ कृषि भूमि बंटाई पर ली थी। उसमें भी गेहूं बोया था, जो नष्ट हो गया। अच्छी फसल को देखकर ही उसने चार महीने पहले अपनी बेटी रश्मि की शादी तय की थी। आगामी 11 मई को उसकी बारात आनी है। फसल के नष्ट होने से वह भारी सदमे में था। बीते रविवार की सुबह वह अपने खेत पर गया था। जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। भोला के तीन पुत्र अरविंद (24), अश्वनी (17), अरुण (14) और दो पुत्रियां रश्मि (20), मनीषा (13) हैं। एक विकलांग बहन और पत्नी सरोज देवी है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बच्चों के सामने गुजर बसर के लिए रोजगार का कोई साधन नहीं है। ग्रामीण शोक में डूबे परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हैं। उधर एसडीएम विनीत कुमार ने बताया कि भोला पीआरडी जवान भी था। इसलिए कृषक की श्रेणी में नहीं आता। फिर भी शासन से उसके आश्रितों के लिए हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सामाजिक संगठनों से भी उसकी पुत्री की शादी में आर्थिक मदद करने का अनुरोध किया गया है।
पीड़िता सरोज देवी ने कहा कि उसके पति को साल में मुश्किल से एक महीने की ड्यूटी मिलती थी। उसका मुख्य पेशा खेती-किसानी ही था। विधायक डा. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने बताया कि मृतक के परिजनों ने अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया है। समाचार पत्रों के माध्यम से मामले की जानकारी हुई है। फिर भी सरकार के निर्धारित नियमों के प्रावधान के अंतर्गत मृतक के परिजनों को मदद दिलाई जाएगी।
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ग्राम रायपुर निवासी भोला सिंह पुत्र बुद्ध सिंह (48) की ढाई एकड़ गेहूं की फसल बेमौसमी बारिश और ओले से नष्ट हो गई थी। इसके अतिरिक्त उसने दो एकड़ कृषि भूमि बंटाई पर ली थी। उसमें भी गेहूं बोया था, जो नष्ट हो गया। अच्छी फसल को देखकर ही उसने चार महीने पहले अपनी बेटी रश्मि की शादी तय की थी। आगामी 11 मई को उसकी बारात आनी है। फसल के नष्ट होने से वह भारी सदमे में था। बीते रविवार की सुबह वह अपने खेत पर गया था। जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। भोला के तीन पुत्र अरविंद (24), अश्वनी (17), अरुण (14) और दो पुत्रियां रश्मि (20), मनीषा (13) हैं। एक विकलांग बहन और पत्नी सरोज देवी है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बच्चों के सामने गुजर बसर के लिए रोजगार का कोई साधन नहीं है। ग्रामीण शोक में डूबे परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हैं। उधर एसडीएम विनीत कुमार ने बताया कि भोला पीआरडी जवान भी था। इसलिए कृषक की श्रेणी में नहीं आता। फिर भी शासन से उसके आश्रितों के लिए हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सामाजिक संगठनों से भी उसकी पुत्री की शादी में आर्थिक मदद करने का अनुरोध किया गया है।
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पीड़िता सरोज देवी ने कहा कि उसके पति को साल में मुश्किल से एक महीने की ड्यूटी मिलती थी। उसका मुख्य पेशा खेती-किसानी ही था। विधायक डा. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने बताया कि मृतक के परिजनों ने अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया है। समाचार पत्रों के माध्यम से मामले की जानकारी हुई है। फिर भी सरकार के निर्धारित नियमों के प्रावधान के अंतर्गत मृतक के परिजनों को मदद दिलाई जाएगी।
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