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नवमी में लोगों ने किया कन्या पूजन, मंदिरों में हुआ हवन
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खटीमा के तिगरी स्थित मां पूर्णागिरि मंदिर में हवन यज्ञ करते लोग।
- फोटो : KHATIMA
शारदीय नवरात्र पर नवमी में भक्तों ने घरों और मंदिरों में कन्या पूजन किया। वहीं नवमी होने पर मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी पड़ी। इस दौरान मंदिरों में हवन पूजन भी हुआ। कोविड-19 संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए भी लोगों ने मनोकामनाएं मांगीं।
बृहस्पतिवार को रुद्रपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर, दुर्गा मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, प्राचीन अटरिया मंदिर, दूधिया मंदिर, वैष्णो मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर आदि में पुरोहितों ने मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की। उसके बाद विधि विधान से हवन पूजन कर कन्याओं का पूजन किया।
भक्तों ने घरों में भी कन्या पूजन कर कन्याओं को पूरी हलवा का प्रसाद खिलाया। ज्योतिषचार्य मंजू जोशी ने बताया कि नवरात्रि में घर में जली हुई अखंड ज्योति को विजयदशमी के पूजन तक प्रज्जवलित रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विजयदशमी को भगवान राम ने अपराजिता देवी का पूजन किया था।
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इधर खटीमा क्षेत्र के वनखंडी महादेव शिव मंदिर चकरपुर, सिद्धेेश्वर शिव मंदिर कंजाबाग, ओमकारेश्वर मंदिर अमाऊं, बिलेश्वर मंदिर चारुबेटा, मां पूर्णागिरि मंदिर तिगरी में पूजा-अर्चना की गई। मां पूर्णागिरि मंदिर तिगरी में हवन यज्ञ किया गया।
सितारगंज में पाल फार्म हाउस पर पूर्व विधायक नारायण पाल एवं उनकी पत्नी कामिनी पाल ने नवदुर्गा पर 101 कन्याओं के चरण धोकर प्रसाद वितरित किया। पाल ने कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को मां दुर्गा का रूप माना गया है। वहां भगवान पांडेय, बलवीर सिंह बल्ली, दीपराज, राजकुमार, मुन्नी देवी, भवंति देवी आदि थे।
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बृहस्पतिवार को रुद्रपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर, दुर्गा मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, प्राचीन अटरिया मंदिर, दूधिया मंदिर, वैष्णो मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर आदि में पुरोहितों ने मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की। उसके बाद विधि विधान से हवन पूजन कर कन्याओं का पूजन किया।
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भक्तों ने घरों में भी कन्या पूजन कर कन्याओं को पूरी हलवा का प्रसाद खिलाया। ज्योतिषचार्य मंजू जोशी ने बताया कि नवरात्रि में घर में जली हुई अखंड ज्योति को विजयदशमी के पूजन तक प्रज्जवलित रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विजयदशमी को भगवान राम ने अपराजिता देवी का पूजन किया था।
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इधर खटीमा क्षेत्र के वनखंडी महादेव शिव मंदिर चकरपुर, सिद्धेेश्वर शिव मंदिर कंजाबाग, ओमकारेश्वर मंदिर अमाऊं, बिलेश्वर मंदिर चारुबेटा, मां पूर्णागिरि मंदिर तिगरी में पूजा-अर्चना की गई। मां पूर्णागिरि मंदिर तिगरी में हवन यज्ञ किया गया।
सितारगंज में पाल फार्म हाउस पर पूर्व विधायक नारायण पाल एवं उनकी पत्नी कामिनी पाल ने नवदुर्गा पर 101 कन्याओं के चरण धोकर प्रसाद वितरित किया। पाल ने कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को मां दुर्गा का रूप माना गया है। वहां भगवान पांडेय, बलवीर सिंह बल्ली, दीपराज, राजकुमार, मुन्नी देवी, भवंति देवी आदि थे।

खटीमा के अमाऊं में कन्या पूजन के बाद प्रसाद ग्रहण करतीं कन्याएं।- फोटो : KHATIMA

रुद्रपुर के प्राचीन अटरिया मंदिर में हवन पूजन करते श्रद्धालु।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर के दुर्गा मंदिर में कन्या पूजन करतीं महिलाएं।- फोटो : RUDRAPUR

खटीमा के अमाऊं में कन्या पूजन के बाद प्रसाद ग्रहण करती कन्याएं।- फोटो : KHATIMA