{"_id":"624f23f30ce6ba04541eb9b1","slug":"cultural-programme-kashipur-news-hld458769384","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज आधी रात चैती मंदिर पहुंचेगा मां बाल सुंदरी का डोला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज आधी रात चैती मंदिर पहुंचेगा मां बाल सुंदरी का डोला
विज्ञापन
काशीपुर में चैती मेले का निरीक्षण करते डीएम व एसएसपी।
- फोटो : KASHIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। उत्तर भारत के प्रसिद्ध उज्जैनी शक्तिपीठ मां बाल सुंदरी देवी के चैती मेले में मां भगवती का डोला शुक्रवार आधी रात पंडा आवास से चैती मेला मैदान स्थित मंदिर पहुंचेगा। यहां श्रद्धालु अपनी आराध्य व कुलदेवी के दर्शन कर मत्था टेक कर मन्नत मांगेंगे।
मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि बीते दो वर्ष तो कोरोना संक्रमण के चलते भक्त मां बाल सुंदरी के दर्शन नहीं कर पाए थे। इस वर्ष मां भगवती की कृपा से संक्रमण का प्रकोप थम गया है और जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि चैत्र नवरात्र में मां भगवती बाल सुंदरी देवी का डोला मोहल्ला कानूनगोयान स्थित पंडा आवास से शुक्रवार (आठ अप्रैल) की अर्द्धरात्रि में धार्मिक अनुष्ठान के बाद चैती मेला मैदान स्थित मंदिर के गर्भगृह में पहुंचेगा। यहां मां भगवती भक्तजनों के दर्शनार्थ विराजमान होंगी।
मां भगवती की मूर्ति को मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री डोला में लेकर जाएंगे। मां भगवती का डोला 14 अप्रैल की अर्द्धरात्रि मंदिर से पंडा आवास वापस आएगा। इस दौरान पंडा मनोज अग्निहोत्री मां भगवती की मूर्ति को डोले में लेकर आएंगे। डोला जाने से पहले शुक्रवार की शाम चार बजे से मोहल्ला कानूनगोयान स्थित पंडा आवास पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मां बाल सुंदरी को मंदिर में विराजमान किया जाएगा।
विज्ञापन
नारियल व जायफल की दी जाती है बलि
काशीपुर। मां बाल सुंदरी मंदिर के मुख्य पुजारी पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि वर्षों से मां के दरबार में श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि दिया करते थे। लगभग 9-10 साल पहले कोर्ट की ओर से पशु बलि प्रथा पर प्रतिबंध लगाने के बाद से श्रद्धालु अब मां भगवती को प्रतीकात्मक बलि देते हैं। श्रद्धालु अब मन्नत पूरी होने पर जिंदा बकरे को मां के दरबार में मत्था टेका कर और पूजा-अर्चना कर जिंदा छोड़ देते हैं या फिर जायफल और नारियल को पशु बलि के रूप में भेंट करते हैं। वहीं मां भगवती का डोला मंदिर आने से पहले और मंदिर से वापस जाने के दौरान भी पशु बलि दी जाती थी लेकिन अब इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब मां भगवती का डोला आने और वापसी के दौरान भी नारियल व जायफल की बलि दी जाती है।
डीएम व एसएसपी ने मेले का किया निरीक्षण
काशीपुर। मां बाल सुंदरी देवी का डोला आने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को डीएम युगल किशोर पंत व एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने चैती मेला का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, पंडा मनोज अग्निहोत्री, पंडा वंश गोपाल अग्निहोत्री ने बताया कि मां भगवती का डोला शुक्रवार की अर्द्धरात्रि मंदिर में पहुंच जाएगा। मां भगवती यहां पर 14 अप्रैल की अर्द्धरात्रि तक विराजमान रहेंगी। डीएम व एसएसपी ने नखाशा बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार पूनम पंत, एसपी चंद्रमोहन, सीओ वीर सिंह, कोतवाल मनोज रतूड़ी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि बीते दो वर्ष तो कोरोना संक्रमण के चलते भक्त मां बाल सुंदरी के दर्शन नहीं कर पाए थे। इस वर्ष मां भगवती की कृपा से संक्रमण का प्रकोप थम गया है और जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि चैत्र नवरात्र में मां भगवती बाल सुंदरी देवी का डोला मोहल्ला कानूनगोयान स्थित पंडा आवास से शुक्रवार (आठ अप्रैल) की अर्द्धरात्रि में धार्मिक अनुष्ठान के बाद चैती मेला मैदान स्थित मंदिर के गर्भगृह में पहुंचेगा। यहां मां भगवती भक्तजनों के दर्शनार्थ विराजमान होंगी।
विज्ञापन
मां भगवती की मूर्ति को मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री डोला में लेकर जाएंगे। मां भगवती का डोला 14 अप्रैल की अर्द्धरात्रि मंदिर से पंडा आवास वापस आएगा। इस दौरान पंडा मनोज अग्निहोत्री मां भगवती की मूर्ति को डोले में लेकर आएंगे। डोला जाने से पहले शुक्रवार की शाम चार बजे से मोहल्ला कानूनगोयान स्थित पंडा आवास पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मां बाल सुंदरी को मंदिर में विराजमान किया जाएगा।
विज्ञापन
नारियल व जायफल की दी जाती है बलि
काशीपुर। मां बाल सुंदरी मंदिर के मुख्य पुजारी पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि वर्षों से मां के दरबार में श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि दिया करते थे। लगभग 9-10 साल पहले कोर्ट की ओर से पशु बलि प्रथा पर प्रतिबंध लगाने के बाद से श्रद्धालु अब मां भगवती को प्रतीकात्मक बलि देते हैं। श्रद्धालु अब मन्नत पूरी होने पर जिंदा बकरे को मां के दरबार में मत्था टेका कर और पूजा-अर्चना कर जिंदा छोड़ देते हैं या फिर जायफल और नारियल को पशु बलि के रूप में भेंट करते हैं। वहीं मां भगवती का डोला मंदिर आने से पहले और मंदिर से वापस जाने के दौरान भी पशु बलि दी जाती थी लेकिन अब इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब मां भगवती का डोला आने और वापसी के दौरान भी नारियल व जायफल की बलि दी जाती है।
डीएम व एसएसपी ने मेले का किया निरीक्षण
काशीपुर। मां बाल सुंदरी देवी का डोला आने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को डीएम युगल किशोर पंत व एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने चैती मेला का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, पंडा मनोज अग्निहोत्री, पंडा वंश गोपाल अग्निहोत्री ने बताया कि मां भगवती का डोला शुक्रवार की अर्द्धरात्रि मंदिर में पहुंच जाएगा। मां भगवती यहां पर 14 अप्रैल की अर्द्धरात्रि तक विराजमान रहेंगी। डीएम व एसएसपी ने नखाशा बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार पूनम पंत, एसपी चंद्रमोहन, सीओ वीर सिंह, कोतवाल मनोज रतूड़ी आदि मौजूद रहे।

काशीपुर में चैती मेले का निरीक्षण करते डीएम व एसएसपी- फोटो : KASHIPUR

मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री।- फोटो : KASHIPUR

काशीपुर में मां बाल सुंदरी देवी का डोला जिसमें मां भगवती सवार होकर मंदिर जाएंगी।- फोटो : KASHIPUR