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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   what is the reason behind raja's escape, road accident, negligence or conspiracy

राजा की फरारी का कारण सड़क हादसा, लापरवाही या कोई साजिश 

Mon, 17 Sep 2018 11:55 PM IST
ब्यूरो/ऊधमसिंह नगर/ अमर उजाला
ब्यूरो/ऊधमसिंह नगर/ अमर उजाला Updated Mon, 17 Sep 2018 11:55 PM IST
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मुंबई से रुद्रपुर ट्रांजिट रिमांड पर लाए जा रहे हत्यारोपी रंदीप उर्फ राजा की फरारी कई सवाल छोड़ गई है। पुलिस की मानें तो सड़क हादसे का लाभ उठाकर राजा फरार हो गया, लेकिन हादसे में कैंटर की टक्कर के बाद भी कार का सुरक्षित होना, रंदीप की फरारी के बाद मात्र दो घंटों के भीतर ही उसके परिजनों का भूमिगत हो जाना किसी लापरवाही या साजिश की तरफ भी इशारा कर रहा है। 

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तीन मई को किच्छा स्थित ट्रांसपोर्टनगर स्वामी समीर अहमद पुत्र शफीक अहमद की आदित्य चौक के पास एक होटल के सामने अज्ञात बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के परिजनों ने समीर के पार्टनरों पर हत्या का शक जताया, लेकिन पुलिस जांच में हत्या का कारण प्रॉपर्टी विवाद का निकलने के बाद पुलिस ने हत्याकांड में शामिल अंग्रेज सिंह, सुखदेव सिंह, जसविंदर सिंह, गुरचरन सिंह और प्रसन्नजीत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मुख्य हत्यारोपी रंदीप उर्फ राजा पुलिस की पकड़ से बाहर था। 
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राजा की धरपकड़ के लिए पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया। वहीं, बीते शुक्रवार को मुंबई एयरपोर्ट पुलिस ने राजा को गिरफ्तार कर यूएसनगर पुलिस को सूचना दी। एयरपोर्ट पुलिस ने राजा को नेपाल से मुंबई वापसी के दौरान गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी की सूचना पर किच्छा थाने से एसआई विनोद जोशी टीम के साथ राजा को लेने मुंबई रवाना हुए। 
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राजा को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद पुलिस हवाई मार्ग से रविवार रात दिल्ली पहुंची और यहां से निजी कार से यूएसनगर के लिए रवाना हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोमवार सुबह करीब पांच बजे हापुड़ स्थित पिलखुवा थाना क्षेत्र के अनवरपुर गांव में पीछे से आ रहे एक अज्ञात कैंटर ने कार को टक्कर मार दी, लेकिन कैंटर की टक्कर के बाद भी कार सुरक्षित है। 

इधर, राजा के फरार होने के करीब दो घंटे बाद से ही ओमेक्स कॉलोनी में रहने वाली उसकी मां और बहन भी भूमिगत हो गए। राजा के खिलाफ समीर की हत्या के साथ ही पंजाब में नारकोटिक्स, बरेली में जाली नोट के मामले का मुकदमा दर्ज है। अब पुलिस ने उसके खिलाफ हापुड़ में पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का मुकदमा दर्ज कराया है। 

एक वर्ष पूर्व एसटीएच से कैदी भगाने में भी सिपाहियों की थी साजिश  
वर्ष 2017 में हल्द्वानी एसटीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया गया विचाराधीन कैदी चंद्रप्रकाश पांडे भी रहस्मय ढंग से लापता हो गया था। तीन माह बाद चंद्रप्रकाश के लापता होने की भनक लगने पर पुलिस की ओर से की गई जांच में चंद्रप्रकाश की निगरानी में लगे सिपाही अशोक कुमार और ललित द्वारा पुलिस लाइन के गणना मुहर्रिर की मदद से कैदी को दिल्ली ले जाकर मुंबई पहुंचाने का खुलासा हुआ। इसके आधार पर अशोक और ललित के साथ ही गणना मुहर्रिर को भी निलंबित किया था। 

इंटरनेट फोन इस्तेमाल करने का अंदेशा 
हापुड़ यूपी से हत्यारोपी राजा के फरार होने के कुछ देर बाद ही रुद्रपुर से उसकी मां और बहन का भी लापता हो जाने से पुलिस इस बात का भी अंदेशा लगा रही है कि राजा ने इंटरनेट कॉल के माध्यम से परिजनों को सूचना दी होगी। वहीं, पुलिस इस बात का भी अंदेशा जता रही है कि मुंबई में राजा की गिरफ्तारी के बाद ही उसके परिजनों को उसके पकड़े जाने का पता चल गया था। 

कैंटर चालक की मिलीभगत का भी अंदेशा 
यूपी में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए राजा के मामले में इस बात का भी अंदेशा जताया जा रहा है कि कार को टक्कर मारने वाला कैंटर चालक पहले से ही पुलिस का पीछा कर रहा था। इसके बाद मौका देखकर उसने राजा को छुड़ाने के लिए कार में टक्कर मारी और फरार हो गया। 


राजा को लाने में लापरवाही बरती गई शकील अहमद 
किच्छा। समीर अहमद हत्याकांड के आरोपी रंदीप उर्फ राजा के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की सूचना से परिजन सन्न रह गए। समीर के भाई शकील अहमद ने बताया कि राजा बेहद शातिर है, इस बात की जानकारी उन्होंने स्थानीय पुलिस को मुंबई रवाना होने से पहले ही दी थी। शकील का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने उसे लाने में लापरवाही बरती। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह वह एसएसपी डॉ. सदानंद दाते से मिलेंगे। 

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