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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने वाली 10 महिलाओं पर मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:06 AM IST
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इंटरार्क फैक्ट्री के श्रमिकों के साथ कलक्ट्रेट परिसर में घुसकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करने के मामले में 10 नामजद महिलाओं के साथ ही करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ सिडकुल चौकी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया है। बीते शुक्रवार को सिडकुल स्थित इंटरार्क कंपनी के श्रमिक परिवार की महिलाओं और कुछ वामपंथी नेताओं को साथ लेकर प्रशासन से त्रिपक्षीय वार्ता के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे थे।
वार्ता में महिलाओं के पहुंचने पर प्रशासन ने वार्ता से इनकार कर दिया था। इससे गुस्साई महिलाएं हंगामा करने के बाद डीएम कार्यालय गेट पर ही धरने पर बैठ गईं थीं। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा तो पुलिस कर्मियों से भी महिलाओं की नोकझोंक हो गई थी। मामले में शनिवार को सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल की ओर से प्रदर्शन करने वाली पूर्णिमा सरकार, शीला देवी, निहारिका सिंह, मीना नैनवाल, रूपा देवी, ममता, किरन सैनी, सविता मिश्रा, रेखा तिवारी और सरिता निवासी अज्ञात सहित 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
महिलाओं पर कलक्ट्रेट परिसर में नियम विरुद्ध धरने पर बैठने, गालीगलौच कर जाम लगाने का आरोप है। माना जा रहा है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद श्रमिकों का आक्रोश बढ़ सकता है।
वार्ता में महिलाओं के पहुंचने पर प्रशासन ने वार्ता से इनकार कर दिया था। इससे गुस्साई महिलाएं हंगामा करने के बाद डीएम कार्यालय गेट पर ही धरने पर बैठ गईं थीं। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा तो पुलिस कर्मियों से भी महिलाओं की नोकझोंक हो गई थी। मामले में शनिवार को सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल की ओर से प्रदर्शन करने वाली पूर्णिमा सरकार, शीला देवी, निहारिका सिंह, मीना नैनवाल, रूपा देवी, ममता, किरन सैनी, सविता मिश्रा, रेखा तिवारी और सरिता निवासी अज्ञात सहित 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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महिलाओं पर कलक्ट्रेट परिसर में नियम विरुद्ध धरने पर बैठने, गालीगलौच कर जाम लगाने का आरोप है। माना जा रहा है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद श्रमिकों का आक्रोश बढ़ सकता है।
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