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महाविद्यालय के शौचालय में ताला लगाने पर महिला प्रवक्ताओं में आक्रोश
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काशीपुर के राधेहरि महाविद्यालय में खराब पड़ा वाटर कूलर। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एक कर्मचारी की ओर से शौचालय में ताला लगाने पर महिला प्रवक्ता आक्रोशित हो गईं। मामला बढ़ने पर प्राचार्य ने ताला खुलवाया। महिला प्रवक्ताओं ने शौचालय में दोबारा से ताला लगाने पर उक्त कर्मचारी की उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की चेतावनी दी है।
महाविद्यालय के विज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष को छोड़कर अन्य प्रवक्ताओं के लिए परिसर में शौचालय नहीं हैं। महिला प्रवक्ता लंबे समय से विज्ञान विभाग में शौचालय निर्माण कराने की मांग कर रही हैं लेकिन समस्या जस की तस है। बीते दिनों में एक कर्मचारी की महाविद्यालय में तैनाती हुई है। बुधवार को उक्त कर्मचारी ने शौचालय में ताला लगा दिया। शौच के लिए गई प्रवक्ता के बार-बार कहने पर बमुश्किल ताला खोला। कुछ देर बाद दूसरी प्राध्यापिका शौचालय गई। तब उक्त कर्मचारी ने फिर ताला नहीं खोला। इस पर कर्मचारी को खरीखोटी सुनाई। मामले की शिकायत प्राचार्य से करने पर कर्मचारी से ताला खुलवाया।
प्राध्यापिकाओं ने कहा कि वे सुबह दस से शाम चार बजे तक ड्यूटी करती हैं। विज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष को छोड़ कर अन्य प्राध्यापक व प्राध्यापिकाओं व छात्र-छात्राओं के लिए न तो शौचालय है और न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था। प्राध्यापिकाओं ने बताया कि पानी की भी दो मशीनें ऊपरी तल पर खराब पड़ी हुई हैं। छात्राओं के लिए बने शौचालय टूटे-फूटे और गंदगी से पटे हैं। दो दिन छुट्टी है। इसके बाद भी शौचालय में ताला लगाया गया तो वह निदेशालय में शिकायत करेंगी।
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प्राचार्य चंद्रराम ने बताया कि खराब शौचालयों और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही महाविद्यालय स्टाफ व छात्राओं की समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा।
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महाविद्यालय के विज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष को छोड़कर अन्य प्रवक्ताओं के लिए परिसर में शौचालय नहीं हैं। महिला प्रवक्ता लंबे समय से विज्ञान विभाग में शौचालय निर्माण कराने की मांग कर रही हैं लेकिन समस्या जस की तस है। बीते दिनों में एक कर्मचारी की महाविद्यालय में तैनाती हुई है। बुधवार को उक्त कर्मचारी ने शौचालय में ताला लगा दिया। शौच के लिए गई प्रवक्ता के बार-बार कहने पर बमुश्किल ताला खोला। कुछ देर बाद दूसरी प्राध्यापिका शौचालय गई। तब उक्त कर्मचारी ने फिर ताला नहीं खोला। इस पर कर्मचारी को खरीखोटी सुनाई। मामले की शिकायत प्राचार्य से करने पर कर्मचारी से ताला खुलवाया।
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प्राध्यापिकाओं ने कहा कि वे सुबह दस से शाम चार बजे तक ड्यूटी करती हैं। विज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष को छोड़ कर अन्य प्राध्यापक व प्राध्यापिकाओं व छात्र-छात्राओं के लिए न तो शौचालय है और न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था। प्राध्यापिकाओं ने बताया कि पानी की भी दो मशीनें ऊपरी तल पर खराब पड़ी हुई हैं। छात्राओं के लिए बने शौचालय टूटे-फूटे और गंदगी से पटे हैं। दो दिन छुट्टी है। इसके बाद भी शौचालय में ताला लगाया गया तो वह निदेशालय में शिकायत करेंगी।
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प्राचार्य चंद्रराम ने बताया कि खराब शौचालयों और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही महाविद्यालय स्टाफ व छात्राओं की समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा।