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सीबीआई जांच से घोटाले में लिप्त अफसरों की उड़ी नींद

Sun, 26 Mar 2017 11:51 PM IST
भास्कर पोखरियाल ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
भास्कर पोखरियाल ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Sun, 26 Mar 2017 11:51 PM IST
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CBI probes scandal scandal
सीबीआई - फोटो : DEMO Pics

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ऊधमसिंह नगर के एनएच भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति और चार एसडीएम सहित छह अफसरों के निलंबन की कार्रवाई के बाद इस घोटाले में लिप्त रहे अन्य अधिकारियों कर्मचारियों के साथ ही भू माफियाओं और कुछ सफेदपोशों की भी नींद उड़ गई है। वहीं जिला प्रशासन इस मामले में सीबीआई को जांच में सपोर्ट करने के लिए अभी से तैयारी में जुट गया है। जिले के पुलिस कप्तान ने निलंबित अफसरों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई के फॉर्मेट की तैयारी भी शुरू कर दी है। 
एनएच चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के तहत जिले में किये गये मुआवजा घोटाले से ऊधमसिंह नगर जनपद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में कमिश्नर की जांच के बाद एक्शन में आई सरकार ने शनिवार को चार एसडीएम सहित छह अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के साथ ही पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति करके इस घोटाले में लिप्त अफसरों, कर्मचारियों के साथ साथ भू माफियाओं और कुछ सफेदपोशों की भी नींद उड़ा दी है। करोड़ों के इस घोटाले में पिछली सरकार की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गयी है। मामले में भाजपा सरकार के कड़े रुख के बाद ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन भी सकते में आ गया है। दो दिन पूर्व ही जिले में आये जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने मामले में गंभीर रुख अपना कर जांच के दायरे से बाहर अपने प्रशासनिक राजपत्रित अधिकारियों की भी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। वहीं एसएसपी सदानंद दाते भी मामले को लेकर सक्रिय हो गये हैं, उन्होंने निलंबित अफसरों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई का फार्मेट तैयार करना शुरू कर दिया है। बता दें पीसीएस अधिकारियों की गिरफ्तारी से पूर्व लंबी कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होती है, जिसके लिए जिला प्रशासन अभी से जुट गया है। निकट भविष्य में सीबीआई की टीम कभी भी अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए यहां पहुंच सकती है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। इसीलिए निलंबित अधिकारियों की गिरफ्तारी से संबंधित सभी कागजी कार्यवाहियां पूरी करने की कवायद शुरू हो गयी है। वहीं माना जा रहा है कि सीबीआई जांच से इस घोटाले की कई परतें खुलकर सामने आ सकती हैं, इसमें न सिर्फ जिले के कई अफसर और कर्मचारी बल्कि कई सफेदपोश और भूमाफिया भी बेनकाब होंगे। पूर्व कांग्रेस सरकार में वरिष्ठ पदों पर रहे रसूखदारों के खास लोगों को भी सीबीआई जांच के घेरे में ले सकती हैं। ऐसे में फिलहाल यह तय है कि इस महाघोटाले में कई अधिकारियों पर गाज गिरने की पूरी संभावना है।
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सस्पेंड अधिकारियों की लिस्ट के मामले में सीबीआई का फॉर्मेट तैयार किया जा रहा है। पूछताछ के लिए सीबीआई पीसीएस अफसरों की गिरफ्तारी करेगी। उससे पहले जिले की पुलिस फॉर्मेट पूरा कर लेगी। कानूनी प्रक्रिया के तहत जो भी  गिरफ्तारी की कार्रवाई होनी है वह पहले से ही पूर्ण कर ली जाएगी। एसआईटी की लिखित कार्रवाई भी सीबीआई को सौंपी जाएगी। 
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डा. सदानंद दाते, एसएसपी

मामला में भले ही सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गयी हो लेकिन निचले स्तर के अफसरों ने पटवारी से लेकर तहसीलदार और कानूनगो तक जो घपला किया है उसकी जांच पड़ताल जिला प्रशासन अपने स्तर से भी कर रहा है। इस मामले में सीबीआई जो भी कार्रवाई करेगी जिला प्रशासन उसमें पूरा सहयोग करेगा। 
डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम
 
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