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Udham Singh Nagar News: चुनाव में वादों का सेतु, जीवन लकड़ी के पुल के भरोसे

Thu, 28 Mar 2024 04:47 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Thu, 28 Mar 2024 04:47 AM IST
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Bridge. promises. elections, life depends. wooden bridge
काशीपुर/केलाखेडा। जिला ऊधमसिंह नगर के ग्राम रम्पुरा काजी के ग्रामीण लकड़ी के दो पुल से बोर नदी पार करते हैं। कुछ लोगों की ओर से बनाए गए इन पुलों से दोपहिया वाहनों को नदी पार कराने के लिए चालकों से बाकायदा शुल्क लिया जाता है। बरसात में नदी के उफान पर होने से हर साल पुल बह जाते हैं जिससे तीन महीने तक क्षेत्र के गांवों का संपर्क शेष जिले से कट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव में हर बार पुल चुनावी मुद्दा बनता है जो कि पूरा नहीं होता।
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रम्पुरा काजी गांव केलाखेड़ा क्षेत्र के गदरपुर से सटा हुआ है। नदी के किनारे बसे इस गांव की समस्या यह है कि ग्राम सभा रम्पुरा के दो मजरे गुलाब मजरा और डेरा कामरेड नदी के उस पार हैं। दोनों ओर रहने वालों के खेत और कारोबार नदी के दोनों ओर हैं लेकिन पुल नहीं होने से उन्हें समय और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। वहीं सस्ते गल्ले के राशन की दुकान भी नदी के पार है।
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12 किमी का फेरा, बाजार से दूर है ग्रामीणों का डेरा
बोर नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीणों को बरसात के सीजन में गदरपुर क्षेत्र के ग्राम सरवरनगर और सिकेनिया आदि जगहाें से होते हुए 12 किमी दूर का अतिरिक्त चक्कर काटकर आना जाना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि उनके घर नदी पार होने से उनकी रोज की मजबूरी हो गई है।
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प्रशासन की अनदेखी ग्रामीणों की जेब कर रही ढीली
क्षेत्रवासियों ने बताया कि प्रशासन ने तो समस्या से निजात नहीं दिलाई पर क्षेत्र के कुछ लोगों ने अपने पुल बना लिए हैं जिन पर आने जाने के लिए ग्रामीणों को शुल्क देना पड़ता है।
बरसात में पुल बहने से बच्चे नहीं जा पाते स्कूल
बरसात में लकड़ी का पुल बहने पर मजरा गुलाब और डेरा कामरेड के छात्र-छात्राएं कई दिन तक स्कूल नहीं जा पाते। इसके चलते उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है।

ग्राम रम्पुरा काजी के लोगों की कहानी, उन्हीं की जुबानी
- हर रोज ग्रामीण नदी पर पुल नहीं होने से परेशान रहते हैं। कुछ लोगों की ओर से नदी पर बनाए गए पुल से जाने के लिए ग्रामीणों को शुल्क देना पड़ता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्थायी पुल बनना चाहिए। बलविन्दर सिंह, समाजसेवी
- कई लोगों के खेत नदी के पार हैं ऐसे में भैसा बुग्गी या चार पहिया वाहन से पशुओं के लिए चारा लाना भी बड़ी परेशानी है। ग्रामीणों को या तो सिर पर या बाइक पर ही खेतों में जाना पड़ता है। इससे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जल्द ही नदी पर पुल बनना चाहिए। - कुलवंत सिंह, स्थानीय निवासी
- सस्ते गल्ले की दुकान नदी के पार होने के चलते कई बार बरसात के सीजन में लोग राशन नहीं ले पाते। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। इसके चलते ग्रामीणों को बाजार से राशन खरीदना पड़ता है। बूढ़ सिंह, स्थानीय निवासी


- बरसात के दिनों में कई बार जब पुल बह जाता है तो रिश्तेदार भी नहीं पहुंच पाते। ऐसे में कई बार तो शादी समारोह जैसे आयोजन भी छोड़ने पड़ते हैं। वहीं युवाओं के लिए रिश्ते तलाशने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों की समस्या का समाधान होना चाहिए। श्रीमती नानको, स्थानीय निवासी
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