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अब ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंका जैव चिकित्सकीय कचरा
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:33 AM IST
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रुद्रपुर ट्रचिंग ग्राउंड में फेंका गया मेडिकल वेस्ट।
- फोटो : amar ujala
शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए बनाए गए ट्रंचिंग ग्राउंड में अस्पतालों, झोलाछापों और मेडिकल स्टोरों का मेडिकल अपशिष्ट भी खुलेआम फेंका जा रहा है। मंगलवार को फिर से ट्रंचिंग ग्राउंड में मेडिकल अपशिष्ट फेंक दिया गया, लेकिन मेडिकल अपशिष्ट डालने वालों को न तो नगर निगम की टीम पकड़ सकी और न ही स्वास्थ्य विभाग।
नगर निगम की टीम ने 22 जून को ट्रचिंग ग्राउंड में मेडिकल स्टोर की एक्सपायरी दवाएं फेंक रहे कार चालक समेत दो लोगों को पकड़ा था। इसके बावजूद इस तरह की घटनाओं में अंकुश नहीं लग रहा है। मंगलवार को फिर ट्रचिंग ग्राउंड में मेडिकल अपशिष्ट फेंका हुआ मिला। आसपास के लोगों और राहगीरों का कहना था कि तड़के लोग चुपके से ट्रचिंग ग्राउंड में मेडिकल अपशिष्ट फेंकते हैं।
नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की लापरवाही के कारण जैव चिकित्सकीय कचरा फेंकने वाले लोग पकड़ में नहीं आते हैं। ट्रचिंग ग्राउंड में कूड़े के साथ मेडिकल अपशिष्ट के जलने से जहरीली गैस फैलती है, इससे आसपास रहने वाले लोग और राहगीर कैंसर एवं एड्स जैसी गंभीर बीमारियों तक की चपेट में आ सकते हैं।
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इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी कहते हैं कि मेडिकल अपशिष्ट फेंकते पकड़े गए लोगों पर एनजीटी के आदेश पर तत्काल 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने का नियम है।
नगर निगम की टीम लगातार ट्रचिंग ग्राउंड का निरीक्षण कर रही है। मेडिकल अपशिष्ट या एक्सपायरी दवाएं पकड़ी जाने के बाद रिपोर्ट तैयार कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ड्रग इंस्पेक्टर को भेजी जाती है। पिछले दिनों ट्रचिंग ग्राउंड में पकड़ी गई एक्सपायरी दवाएं जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को भेज दी गई हैं।
- डॉ. अविनाश खन्ना, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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नगर निगम की टीम ने 22 जून को ट्रचिंग ग्राउंड में मेडिकल स्टोर की एक्सपायरी दवाएं फेंक रहे कार चालक समेत दो लोगों को पकड़ा था। इसके बावजूद इस तरह की घटनाओं में अंकुश नहीं लग रहा है। मंगलवार को फिर ट्रचिंग ग्राउंड में मेडिकल अपशिष्ट फेंका हुआ मिला। आसपास के लोगों और राहगीरों का कहना था कि तड़के लोग चुपके से ट्रचिंग ग्राउंड में मेडिकल अपशिष्ट फेंकते हैं।
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नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की लापरवाही के कारण जैव चिकित्सकीय कचरा फेंकने वाले लोग पकड़ में नहीं आते हैं। ट्रचिंग ग्राउंड में कूड़े के साथ मेडिकल अपशिष्ट के जलने से जहरीली गैस फैलती है, इससे आसपास रहने वाले लोग और राहगीर कैंसर एवं एड्स जैसी गंभीर बीमारियों तक की चपेट में आ सकते हैं।
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इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी कहते हैं कि मेडिकल अपशिष्ट फेंकते पकड़े गए लोगों पर एनजीटी के आदेश पर तत्काल 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने का नियम है।
नगर निगम की टीम लगातार ट्रचिंग ग्राउंड का निरीक्षण कर रही है। मेडिकल अपशिष्ट या एक्सपायरी दवाएं पकड़ी जाने के बाद रिपोर्ट तैयार कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ड्रग इंस्पेक्टर को भेजी जाती है। पिछले दिनों ट्रचिंग ग्राउंड में पकड़ी गई एक्सपायरी दवाएं जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को भेज दी गई हैं।
- डॉ. अविनाश खन्ना, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।