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47 में से 24 हाइड्रेंट जमींदोज
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:34 AM IST
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दीपावली पर अगर आपके आसपास आतिशबाजी से कहीं आग लग जाए तो इसे बुझाने की व्यवस्था शायद आपको खुद ही करनी पड़ेगी। आग से बचाव के लिए यदि आप अग्निशमन विभाग से अपेक्षा कर रहे हैं तो इसमें आपको पूरी तरह संतुष्टि मिलने के आसार कम ही हैं, क्योंकि जिले भरे में बनाए गए 47 हाईड्रेंट में से 24 जमींदोज हो चुके हैं, जो दिख रहे हैं, उनमें अधिकांश की हालत दयनीय है। 102 नए हाइड्रेंट बनाने के प्रस्ताव पर भी जल संस्थान मुहर नहीं लगा रहा है।
वर्षों पहले रुद्रपुर गांधी पार्क में आतिशबाजी की आग का गहरा दंश झेल चुका है। उसके बाद भी यहां का जिला प्रशासन अग्निशमन विभाग को मजबूत बनाने में कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। हालात यह हैं कि शहर के रिहायशी इलाकों को छोड़कर अगर कस्बों में आग की कोई घटना हो जाए तो उस पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग के पास सिवा लाचारी के और कुछ नहीं होगा। आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के पास रुद्रपुर फायर स्टेशन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 27 हाइड्रेंट हैं, लेकिन इसमें से 15 हाइड्रेंट जमीन गुम हो चुके हैं। अब विभाग 12 हाइड्रेंटों के भरोसे ही है। जिले में लगे हाइड्रेंटों की स्थिति देखी जाए तो वह और बुरी है, जिले भर में लगे 47 हाइड्रेंटों में से 24 हाइड्रेंट बंद हो गए हैं। पूरे जिले में 102 नए हाइड्रेंट लगाने के प्रस्तावों पर भी जल संस्थान अपनी मुहर नहीं लगा रहा है।
दीपावली पर घटनाओं से निपटने के लिए विभाग तैयारी में जुटा है। अधिकांश हाइड्रेंट खराब हैं, जिनके चलते पानी के लिए होटलों और फैक्ट्रियों के वाटर टैंकों से मदद ली जाएगी। जल संस्थान को जिले भर में हाइड्रेंट बनाने के लिए प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन बजट के अभाव में प्रस्तावों पर मुहर नहीं लग पा रही है।
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-नरेंद्र सिंह कुंवर, सीएफओ
रुद्रपुर। दीपावली पर आतिशबाजी के सामान से होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग ने इस वर्ष एफसीआई गोदाम के पास बने खाली मैदान में आतिशबाजी की दुकानें लगाने का निर्णय लिया है। दुकानदारों को आतिशबाजी बेचने के लिए मैदान में टिन शेड बनाना होगा। टैंट से बनी दुकानों से आतिशबाजी की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। आतिशबाजी का लाइसेंस भी उन्हीं दुकानदारों को दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व में दुकानें लगाई थी। नए आवेदक को लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
रुद्रपुर। दीपावली पर बिकने वाले पटाखों में इस बार चायनीज पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए बाकायदा अग्निशमन मुख्यालय से सीएफओ कार्यालय को पत्र भी भेजा गया है जिसके अनुसार बाजार में किसी भी तरह के चायनीज पटाखे बेचना प्रतिबंधित होगा। चायनीज पटाखों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
रुद्रपुर में इन जगहों पर बंद हैं हाइड्रेंट
गल्ला मंडी बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने के गेट पर
यूको बैंक के सामने काशीपुर बाईपास रोड के पास
रुद्रपुर कोतवाली के सामने
श्याम टाकीज के पास
गरदपुर क्षेत्र के बंद हाईड्रेंट
हिंद ऑयल कॉरर्पोरेशन के पास
सकैनिया चौराहे पर
गदरपुर डाकघर के पास
गदरपुर थाने गेट के पास
दिनेशपुर अस्पताल गेट के सामने
दिनेशपुर पाल होटल के पास
किच्छा क्षेत्र के बंद पड़े हाइड्रेंट
रामलीला मैदान पुरानी मंडी चौधरी चक्की के पास
जनता इंटर कालेज के पीछे नहर पर
अंबेडकर चौराहे के पास
बंगाली कालोनी रुद्रपुर रोड किच्छा
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वर्षों पहले रुद्रपुर गांधी पार्क में आतिशबाजी की आग का गहरा दंश झेल चुका है। उसके बाद भी यहां का जिला प्रशासन अग्निशमन विभाग को मजबूत बनाने में कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। हालात यह हैं कि शहर के रिहायशी इलाकों को छोड़कर अगर कस्बों में आग की कोई घटना हो जाए तो उस पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग के पास सिवा लाचारी के और कुछ नहीं होगा। आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के पास रुद्रपुर फायर स्टेशन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 27 हाइड्रेंट हैं, लेकिन इसमें से 15 हाइड्रेंट जमीन गुम हो चुके हैं। अब विभाग 12 हाइड्रेंटों के भरोसे ही है। जिले में लगे हाइड्रेंटों की स्थिति देखी जाए तो वह और बुरी है, जिले भर में लगे 47 हाइड्रेंटों में से 24 हाइड्रेंट बंद हो गए हैं। पूरे जिले में 102 नए हाइड्रेंट लगाने के प्रस्तावों पर भी जल संस्थान अपनी मुहर नहीं लगा रहा है।
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दीपावली पर घटनाओं से निपटने के लिए विभाग तैयारी में जुटा है। अधिकांश हाइड्रेंट खराब हैं, जिनके चलते पानी के लिए होटलों और फैक्ट्रियों के वाटर टैंकों से मदद ली जाएगी। जल संस्थान को जिले भर में हाइड्रेंट बनाने के लिए प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन बजट के अभाव में प्रस्तावों पर मुहर नहीं लग पा रही है।
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-नरेंद्र सिंह कुंवर, सीएफओ
रुद्रपुर। दीपावली पर आतिशबाजी के सामान से होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग ने इस वर्ष एफसीआई गोदाम के पास बने खाली मैदान में आतिशबाजी की दुकानें लगाने का निर्णय लिया है। दुकानदारों को आतिशबाजी बेचने के लिए मैदान में टिन शेड बनाना होगा। टैंट से बनी दुकानों से आतिशबाजी की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। आतिशबाजी का लाइसेंस भी उन्हीं दुकानदारों को दिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व में दुकानें लगाई थी। नए आवेदक को लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
रुद्रपुर। दीपावली पर बिकने वाले पटाखों में इस बार चायनीज पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए बाकायदा अग्निशमन मुख्यालय से सीएफओ कार्यालय को पत्र भी भेजा गया है जिसके अनुसार बाजार में किसी भी तरह के चायनीज पटाखे बेचना प्रतिबंधित होगा। चायनीज पटाखों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
रुद्रपुर में इन जगहों पर बंद हैं हाइड्रेंट
गल्ला मंडी बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने के गेट पर
यूको बैंक के सामने काशीपुर बाईपास रोड के पास
रुद्रपुर कोतवाली के सामने
श्याम टाकीज के पास
गरदपुर क्षेत्र के बंद हाईड्रेंट
हिंद ऑयल कॉरर्पोरेशन के पास
सकैनिया चौराहे पर
गदरपुर डाकघर के पास
गदरपुर थाने गेट के पास
दिनेशपुर अस्पताल गेट के सामने
दिनेशपुर पाल होटल के पास
किच्छा क्षेत्र के बंद पड़े हाइड्रेंट
रामलीला मैदान पुरानी मंडी चौधरी चक्की के पास
जनता इंटर कालेज के पीछे नहर पर
अंबेडकर चौराहे के पास
बंगाली कालोनी रुद्रपुर रोड किच्छा
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