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दिल्ली बॉर्डर से रुद्रपुर डिपो की 13 बसें वापस भेजीं
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रोडवेज कर्मियों का कार्य बहिष्कार खत्म होने के बाद स्टेशन पर यात्रियों की भीड़भाड़।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। दिल्ली बॉर्डर पर शुक्रवार को उत्तराखंड रोडवेज की 13 बसों को एमसीडी टोल टैग न होने के कारण दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस कारण सैकड़ों यात्रियों को एमसीडी (म्यूनिसिपल कारपोरेशन ऑफ दिल्ली) टोल टैक्स से आनंद विहार आईएसबीटी तक पैदल या दूसरे वाहनों से पहुंचना पड़ा।
रुद्रपुर रोडवेज डिपो को पिछले वर्ष मार्च और उसके बाद मिली नई बसों में अभी तक दिल्ली बॉर्डर स्थित एमसीडी टोल टैक्स के टैग नहीं लगाए गए हैं। रुद्रपुर डिपो से सुबह दिल्ली मार्ग की सभी बसें ज्ञानी बॉर्डर होने होते हुए आनंद विहार आईएसबीटी जा रही थीं लेकिन टैग न होने के कारण एमसीडी टोल टैक्स पर बसों को रोक दिया गया।
बसों में सवार यात्रियों को बसों से उतरना पड़ा। बसों के कुछ परिचालकों और चालकों ने आरोप लगाया कि एमसीडी ने पूर्व में ही रुद्रपुर डिपो प्रबंधन को नया टैग लगाने के लिए कहा था लेकिन प्रबंधन की लापरवाही के कारण अभी तक टैग नहीं लगाए गए हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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साथ ही वापसी में दिल्ली से यात्री कम मिलने के कारण रुद्रपुर डिपो को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बसों में फास्टैग लगाए गए हैं, उसी तरह एमसीडी टैग भी लगाए जाएं। इस संबंध में रुद्रपुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि दिल्ली मार्ग की नई बसों में एक-दो दिन में एमसीडी टैग लगा दिए जाएंगे।
इधर, उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ने से रुद्रपुर रोडवेज डिपो की भी आय बढ़ने लगी है। रुद्रपुर डिपो को 12 लाख 34 लाख रुपये का दैनिक लक्ष्य मिला है।
रोडवेज कर्मियों का कार्य बहिष्कार खत्म, बसों का संचालन शुरू
रुद्रपुर। पांच महीने से रुके वेतन की मांग कर रहे रोडवेज कर्मचारियों की बृहस्पतिवार देर शाम प्रबंधन से समझौता वार्ता के बाद शुक्रवार सुबह से बसों का संचालन शुरू हो गया। रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन में सुबह से यात्रियों की काफी भीड़ रही।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष बलदेव सिंह ने कहा कि परिवहन मुख्यालय से शीघ्र वेतन दिए जाने का आश्वासन मिला है। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर डिपो से शुक्रवार दोपहर तक करीब 70 बसों का संचालन हो गया था। अब यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। (ब्यूरो)
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रुद्रपुर रोडवेज डिपो को पिछले वर्ष मार्च और उसके बाद मिली नई बसों में अभी तक दिल्ली बॉर्डर स्थित एमसीडी टोल टैक्स के टैग नहीं लगाए गए हैं। रुद्रपुर डिपो से सुबह दिल्ली मार्ग की सभी बसें ज्ञानी बॉर्डर होने होते हुए आनंद विहार आईएसबीटी जा रही थीं लेकिन टैग न होने के कारण एमसीडी टोल टैक्स पर बसों को रोक दिया गया।
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बसों में सवार यात्रियों को बसों से उतरना पड़ा। बसों के कुछ परिचालकों और चालकों ने आरोप लगाया कि एमसीडी ने पूर्व में ही रुद्रपुर डिपो प्रबंधन को नया टैग लगाने के लिए कहा था लेकिन प्रबंधन की लापरवाही के कारण अभी तक टैग नहीं लगाए गए हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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साथ ही वापसी में दिल्ली से यात्री कम मिलने के कारण रुद्रपुर डिपो को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बसों में फास्टैग लगाए गए हैं, उसी तरह एमसीडी टैग भी लगाए जाएं। इस संबंध में रुद्रपुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि दिल्ली मार्ग की नई बसों में एक-दो दिन में एमसीडी टैग लगा दिए जाएंगे।
इधर, उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ने से रुद्रपुर रोडवेज डिपो की भी आय बढ़ने लगी है। रुद्रपुर डिपो को 12 लाख 34 लाख रुपये का दैनिक लक्ष्य मिला है।
रोडवेज कर्मियों का कार्य बहिष्कार खत्म, बसों का संचालन शुरू
रुद्रपुर। पांच महीने से रुके वेतन की मांग कर रहे रोडवेज कर्मचारियों की बृहस्पतिवार देर शाम प्रबंधन से समझौता वार्ता के बाद शुक्रवार सुबह से बसों का संचालन शुरू हो गया। रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन में सुबह से यात्रियों की काफी भीड़ रही।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष बलदेव सिंह ने कहा कि परिवहन मुख्यालय से शीघ्र वेतन दिए जाने का आश्वासन मिला है। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर डिपो से शुक्रवार दोपहर तक करीब 70 बसों का संचालन हो गया था। अब यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। (ब्यूरो)