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Tehri News: 10 सूत्री मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीण
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भिलंगना ब्लॉक में सीमांत क्षेत्र गेेंवाली के ग्रामीणों ने अपनी 10 सूत्री मांग को लेकर बेमियादी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं की जाती है, तब तक अनशन जारी रखा जाएगा। अनशनकारियों के समर्थन में गांव के लोग भी क्रमिक अनशन पर रहे।
गेंवाली क्षेत्र में 22 अगस्त को आई आपदा से भारी नुकसान हो गया था। गांव को जोड़ने वाली सड़क, खेती, पैदल संपर्क मार्ग और पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। गांव के कई लोगों के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी तक ना तो परिसंपत्तियों की मरम्मत की गई है और न ही प्रभावितों को मुआवजा दिया गया है।
भूखहड़ताल पर बैठे गांव के पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत ने बताया कि वह गांव में वर्ष 2015 से लगातार बीएसएनएल का टावर लगाने और उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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उन्होंने कहा कि आपदा से गांव का माध्यमिक स्कूल भी क्षतिग्रस्त हो गया था। लेकिन अभी उसकी मरम्मत भी शुरू नहीं हो पाई है। इससे दोनों स्कूल की कक्षाएं प्राथमिक स्कूल में संचालित करनी पड़ रही है।
धरना स्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो गांव की हर महिला-पुरुष को बेमियादी भूखहड़ताल पर बैठने को मजबूर होना पड़ेगा। 10 मांग को लेकर प्रधान किशन दास और पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत ने बेमियादी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में पदमा देवी, चंद्र सिंह राणा, कुंवर सिंह, सोहन सिंह, जांतरी देवी और प्यारी देई आदि क्रमिक अनशन पर रही।
गेंवाली क्षेत्र में 22 अगस्त को आई आपदा से भारी नुकसान हो गया था। गांव को जोड़ने वाली सड़क, खेती, पैदल संपर्क मार्ग और पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। गांव के कई लोगों के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी तक ना तो परिसंपत्तियों की मरम्मत की गई है और न ही प्रभावितों को मुआवजा दिया गया है।
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भूखहड़ताल पर बैठे गांव के पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत ने बताया कि वह गांव में वर्ष 2015 से लगातार बीएसएनएल का टावर लगाने और उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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उन्होंने कहा कि आपदा से गांव का माध्यमिक स्कूल भी क्षतिग्रस्त हो गया था। लेकिन अभी उसकी मरम्मत भी शुरू नहीं हो पाई है। इससे दोनों स्कूल की कक्षाएं प्राथमिक स्कूल में संचालित करनी पड़ रही है।
धरना स्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो गांव की हर महिला-पुरुष को बेमियादी भूखहड़ताल पर बैठने को मजबूर होना पड़ेगा। 10 मांग को लेकर प्रधान किशन दास और पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत ने बेमियादी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में पदमा देवी, चंद्र सिंह राणा, कुंवर सिंह, सोहन सिंह, जांतरी देवी और प्यारी देई आदि क्रमिक अनशन पर रही।