{"_id":"638652170e6df02d451f414a","slug":"three-people-sentenced-to-seven-years-for-cheating-new-tehri-news-drn4295710117","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: धोखाधड़ी के आरोप में तीन लोगों को सात साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: धोखाधड़ी के आरोप में तीन लोगों को सात साल की सजा
विज्ञापन
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने ऋण देने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो अभियुक्तों को सात-सात साल का कठोर कारावास व 20-20 हजार अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उन्हें दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। एक अन्य अभियुक्त को पांच साल की कैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिकारी सीमा रानी और अजय रावत ने बताया कि पीड़ित करीमुद्दीन ने 12 अप्रैल 2015 को कीर्तिनगर पुलिस थाने में दी तहरीर में बताया था व्यवसाय बढ़ाने के लिए उन्हें रुपये की जरूरत थी। इस दौरान कीर्तिनगर के जाखनी में स्थित स्काई लाइट कंस्लटिंग कंपनी द्वारा छह प्रतिशत ब्याज पर लोन दिए जाने की जानकारी मिली। पूछताछ के लिए वे रहीस अहमद के साथ कंपनी में गए। वहां मैनेजर संजय कुमार ने स्कीम बताने पर दोनों को 10-10 लाख लोन के फार्म भर दिए। मैनेजर ने 24 अप्रैल 2015 को श्रीनगर होटल में बुलाया। वहां अतुल त्यागी और अभिषेक शर्मा मिले। उन्होंने दस्तावेज सत्यापन के लिए 2000 रुपये मांगे।
दूसरे दिन एग्रीमेंट फीस 3500 रुपये, 15 ब्लैंक चेक और लोन की पांच प्रतिशत धनराशि सिक्योरिटी के रूप में जमा करने को कहा। कुछ दिन बाद अतुल ने चेक के लिए होटल में बुलाया। वहां संजय, अतुल त्यागी, अभिषेक, पंकज और आशीष नाम के व्यक्ति मिले। मैनेजर पंकज ने 10 और पांच लाख रुपये के चेक पर हस्ताक्षर कर दिए और पांच प्रतिशत के रूप में करीमुद्दीन ने 42 हजार और रहीस ने 25 हजार रुपये दिए। घर जाकर देखा तो चेक स्काई लाइट के बदले एमडीसी फाइनेंस सर्विसेज के चेक थे। इसका पता चलते ही उन्हें फोन किया तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला।
विज्ञापन
पुलिस ने मामले की जांच कर कोर्ट में चार्ज सीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपियों ने इस तरह कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी संजय कुमार निवासी भरपूर देवप्रयाग को पांच साल और अतुल त्यागी निवासी किनोनी थाना रोहता मेरठ यूपी और पंकज कुमार थाना कांधला जिला शामली यूपी को सात-सात का कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विज्ञापन
अभियोजन अधिकारी सीमा रानी और अजय रावत ने बताया कि पीड़ित करीमुद्दीन ने 12 अप्रैल 2015 को कीर्तिनगर पुलिस थाने में दी तहरीर में बताया था व्यवसाय बढ़ाने के लिए उन्हें रुपये की जरूरत थी। इस दौरान कीर्तिनगर के जाखनी में स्थित स्काई लाइट कंस्लटिंग कंपनी द्वारा छह प्रतिशत ब्याज पर लोन दिए जाने की जानकारी मिली। पूछताछ के लिए वे रहीस अहमद के साथ कंपनी में गए। वहां मैनेजर संजय कुमार ने स्कीम बताने पर दोनों को 10-10 लाख लोन के फार्म भर दिए। मैनेजर ने 24 अप्रैल 2015 को श्रीनगर होटल में बुलाया। वहां अतुल त्यागी और अभिषेक शर्मा मिले। उन्होंने दस्तावेज सत्यापन के लिए 2000 रुपये मांगे।
विज्ञापन
दूसरे दिन एग्रीमेंट फीस 3500 रुपये, 15 ब्लैंक चेक और लोन की पांच प्रतिशत धनराशि सिक्योरिटी के रूप में जमा करने को कहा। कुछ दिन बाद अतुल ने चेक के लिए होटल में बुलाया। वहां संजय, अतुल त्यागी, अभिषेक, पंकज और आशीष नाम के व्यक्ति मिले। मैनेजर पंकज ने 10 और पांच लाख रुपये के चेक पर हस्ताक्षर कर दिए और पांच प्रतिशत के रूप में करीमुद्दीन ने 42 हजार और रहीस ने 25 हजार रुपये दिए। घर जाकर देखा तो चेक स्काई लाइट के बदले एमडीसी फाइनेंस सर्विसेज के चेक थे। इसका पता चलते ही उन्हें फोन किया तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला।
विज्ञापन
पुलिस ने मामले की जांच कर कोर्ट में चार्ज सीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपियों ने इस तरह कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी संजय कुमार निवासी भरपूर देवप्रयाग को पांच साल और अतुल त्यागी निवासी किनोनी थाना रोहता मेरठ यूपी और पंकज कुमार थाना कांधला जिला शामली यूपी को सात-सात का कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।