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Tehri News: कॉलेज बनाया पर शिक्षकों की तैनाती करना भूला विभाग
Mon, 03 Mar 2025 04:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 03 Mar 2025 04:44 PM IST
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शिक्षकों का ही नहीं संसाधनों का भी बना है दीनगांव इंटर कॉलेज में अभाव
नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक के दीनगांव हाईस्कूल को वर्ष 2017 में इंटर स्तर पर उच्चीकृत तो कर दिया गया, लेकिन शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते यहां इंटरमीडिएट स्तर के कला संकाय के लिए अब तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और भूगोल विषयों में छात्रों ने प्रवेश तो लिया, लेकिन इन विषयों के लिए प्रवक्ता के पदों की स्वीकृति नहीं दी गई।
दीनगांव इंटर कॉलेज में हर साल छात्र संख्या बढ़ रही है, लेकिन संसाधनों की भी भारी कमी बनी है। वर्तमान में लगभग 350 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इंटर कॉलेज का भवन तक नहीं बन पाया है। महज चार कक्षाओं में पूरा विद्यालय संचालित हो रहा है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा। शिक्षकों के लिए भी यह स्थिति गंभीर चुनौती बनी हुई है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश राणा ने सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब शिक्षकों के पद ही स्वीकृत नहीं हैं, तो छात्र स्कूल में शिक्षा कैसे प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा विभाग और शासन-प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। विज्ञान विषय के शिक्षकों से कला संकाय के छात्रों को पढ़ाने की उम्मीद करना शिक्षा की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़ा करता है।
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प्रधानाचार्य मनमोहन सिंह पंवार ने बताया कि कला विषय के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। काॅलेज में दो नए कक्ष और बरामदा निर्माणाधीन है। उम्मीद है नए शिक्षा सत्र में ये अतिरिक्त कक्षा-कक्ष बनकर तैयार हो जाएंगे।
वर्ष 2016 के बाद प्रदेशभर में जितने भी इंटर कॉलेज उच्चीकृत हुए हैं। उनमें सिर्फ विज्ञान या फिर कला विषय के सिर्फ पांच विषयों की ही स्वीकृति मिल पाई है। अंग्रेजी और हिंदी विषय कॉमन रूप से स्वीकृत हुए हैं। इस विसंगति का समाधान करने के लिए निदेशालय को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर पर इस मामले में निर्णय होना है।
-एसपी सेमवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी
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नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक के दीनगांव हाईस्कूल को वर्ष 2017 में इंटर स्तर पर उच्चीकृत तो कर दिया गया, लेकिन शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते यहां इंटरमीडिएट स्तर के कला संकाय के लिए अब तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और भूगोल विषयों में छात्रों ने प्रवेश तो लिया, लेकिन इन विषयों के लिए प्रवक्ता के पदों की स्वीकृति नहीं दी गई।
दीनगांव इंटर कॉलेज में हर साल छात्र संख्या बढ़ रही है, लेकिन संसाधनों की भी भारी कमी बनी है। वर्तमान में लगभग 350 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इंटर कॉलेज का भवन तक नहीं बन पाया है। महज चार कक्षाओं में पूरा विद्यालय संचालित हो रहा है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा। शिक्षकों के लिए भी यह स्थिति गंभीर चुनौती बनी हुई है।
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पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश राणा ने सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब शिक्षकों के पद ही स्वीकृत नहीं हैं, तो छात्र स्कूल में शिक्षा कैसे प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा विभाग और शासन-प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। विज्ञान विषय के शिक्षकों से कला संकाय के छात्रों को पढ़ाने की उम्मीद करना शिक्षा की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़ा करता है।
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प्रधानाचार्य मनमोहन सिंह पंवार ने बताया कि कला विषय के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। काॅलेज में दो नए कक्ष और बरामदा निर्माणाधीन है। उम्मीद है नए शिक्षा सत्र में ये अतिरिक्त कक्षा-कक्ष बनकर तैयार हो जाएंगे।
वर्ष 2016 के बाद प्रदेशभर में जितने भी इंटर कॉलेज उच्चीकृत हुए हैं। उनमें सिर्फ विज्ञान या फिर कला विषय के सिर्फ पांच विषयों की ही स्वीकृति मिल पाई है। अंग्रेजी और हिंदी विषय कॉमन रूप से स्वीकृत हुए हैं। इस विसंगति का समाधान करने के लिए निदेशालय को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर पर इस मामले में निर्णय होना है।
-एसपी सेमवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी