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Tehri News: झूलते तार और तिरछे हो चुके खंभों से लोगों को खतरा
Thu, 04 Jun 2026 06:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 04 Jun 2026 06:18 PM IST
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मरम्मत के अभाव में उपली रमोली क्षेत्र के गांवों में झूल रही बिजली की तारें
नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक के उपली रमोली क्षेत्र के कई गांवों में बिजली की झूलती तारे और तिरछे हो चुके खंभे ग्रामीणों के लिए खतरा बने हैं जिससे लोगों को करंट लगने का भय बना है।
उपली रमोली क्षेत्र के पोखरी, मुखेम, दीनगांव, हेरवालगांव, ओनाल गांव में बिजली की लाइन बिछे कई वर्ष बीत चुके हैं। लाइनों की मरम्मत न होने बिजली की तारें जगह-जगह झूल रही हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभे जर्जर होने से वे तिरछे हो चुके हैं। पोखरी गांव के पूर्व प्रधान विजय पोखरियाल ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की लाइनें बिछे हुए करीब तीन दशक का समय हो गया है जिससे तारे झूलने लगी है।
ग्रामीण पेड़ों से चारापत्ती काटते हैं इस दौरान करंट लगने का भय भी बना रहता है। आंधी-तूफान और बरसात में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है रात के समय बिजली न होने पर लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से बिजली की लाइन को ठीक करने और तिरछे हो चुके खंभों को बदलने की मांग कर रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। बिजली गुल पर होने पर विभागीय अधिकारी लाइन में फॉल्ट आने का हवाला देते हैं लेकिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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जिन गांव में बिजली लाइन और खंभे बदले जाने हैं उनका प्रस्ताव तैयार कर रिवैमड डिस्ट्रीव्यूशन सेक्टर स्कीम (आडीएसएस) के तहत सरकार को भेजा गया है। धनराशि मिलने के बाद बंच केबल लगाने के साथ ही खराब हो चुके खंभों का बदलने का काम किया जाएगा।
अवनीश शर्मा, एसडीओ ऊर्जा निगम प्रतापनगर।
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नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक के उपली रमोली क्षेत्र के कई गांवों में बिजली की झूलती तारे और तिरछे हो चुके खंभे ग्रामीणों के लिए खतरा बने हैं जिससे लोगों को करंट लगने का भय बना है।
उपली रमोली क्षेत्र के पोखरी, मुखेम, दीनगांव, हेरवालगांव, ओनाल गांव में बिजली की लाइन बिछे कई वर्ष बीत चुके हैं। लाइनों की मरम्मत न होने बिजली की तारें जगह-जगह झूल रही हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभे जर्जर होने से वे तिरछे हो चुके हैं। पोखरी गांव के पूर्व प्रधान विजय पोखरियाल ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की लाइनें बिछे हुए करीब तीन दशक का समय हो गया है जिससे तारे झूलने लगी है।
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ग्रामीण पेड़ों से चारापत्ती काटते हैं इस दौरान करंट लगने का भय भी बना रहता है। आंधी-तूफान और बरसात में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है रात के समय बिजली न होने पर लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से बिजली की लाइन को ठीक करने और तिरछे हो चुके खंभों को बदलने की मांग कर रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। बिजली गुल पर होने पर विभागीय अधिकारी लाइन में फॉल्ट आने का हवाला देते हैं लेकिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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जिन गांव में बिजली लाइन और खंभे बदले जाने हैं उनका प्रस्ताव तैयार कर रिवैमड डिस्ट्रीव्यूशन सेक्टर स्कीम (आडीएसएस) के तहत सरकार को भेजा गया है। धनराशि मिलने के बाद बंच केबल लगाने के साथ ही खराब हो चुके खंभों का बदलने का काम किया जाएगा।
अवनीश शर्मा, एसडीओ ऊर्जा निगम प्रतापनगर।