{"_id":"6accd6636bf1ed47b90fcecc","slug":"path-to-a-college-in-ghansali-remains-difficult-even-three-years-after-the-announcement-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-121791-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: घोषणा के तीन साल बाद भी घनसाली में कॉलेज की राह मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: घोषणा के तीन साल बाद भी घनसाली में कॉलेज की राह मुश्किल
Mon, 12 Oct 2026 06:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 12 Oct 2026 06:15 PM IST
विज्ञापन
नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक में उच्च शिक्षा के सीमित विकल्पों के कारण छात्र-छात्राओं की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। रगड़ी (सांकरी) में राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा के करीब तीन साल बाद भी स्थापना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। पांच माह पहले महाविद्यालय के लिए भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन अब तक स्वीकृति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।
भिलंगना ब्लॉक में वर्तमान में बालगंगा अशासकीय महाविद्यालय सेंदुल ही उच्च शिक्षा का एकमात्र संस्थान है। जहां घनसाली और ढुंगमंदार पट्टी के छात्र-छात्राएं दूर-दराज के गांवों से पढ़ने पहुंचते हैं। सीमित संसाधनों के चलते कॉलेज में स्नातक स्तर पर बीए और बीएससी के सात विषय और स्नातकोत्तर स्तर पर एमए के केवल तीन विषय संचालित हैं।
वहीं, भिलंग पट्टी के 32 से अधिक गांवों में कोई सरकारी या निजी महाविद्यालय नहीं है। इस कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए नई टिहरी, श्रीनगर या देहरादून जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर रहकर पढ़ाई का खर्च उठाना आसान नहीं है। ऐसे में कई छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन
क्षेत्र में लंबे समय से राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग उठती रही है। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घनसाली विधानसभा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासन ने बीते अप्रैल में रगड़ी (सांकरी) में महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.963 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा। पांच माह बीतने के बाद भी शासन स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कॉलेज की स्थापना का इंतजार लंबा खिंच रहा है।
रगड़ी (सांकरी) में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि का चयन हो चुका है। शासन स्तर पर प्रक्रिया गतिमान है और उम्मीद है कि जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। नए सत्र से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कक्षाएं शुरू कराने का मै प्रयास कर रहा हूं।
- शक्तिलाल शाह, विधायक घनसाली
विज्ञापन
भिलंगना ब्लॉक में वर्तमान में बालगंगा अशासकीय महाविद्यालय सेंदुल ही उच्च शिक्षा का एकमात्र संस्थान है। जहां घनसाली और ढुंगमंदार पट्टी के छात्र-छात्राएं दूर-दराज के गांवों से पढ़ने पहुंचते हैं। सीमित संसाधनों के चलते कॉलेज में स्नातक स्तर पर बीए और बीएससी के सात विषय और स्नातकोत्तर स्तर पर एमए के केवल तीन विषय संचालित हैं।
विज्ञापन
वहीं, भिलंग पट्टी के 32 से अधिक गांवों में कोई सरकारी या निजी महाविद्यालय नहीं है। इस कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए नई टिहरी, श्रीनगर या देहरादून जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर रहकर पढ़ाई का खर्च उठाना आसान नहीं है। ऐसे में कई छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन
क्षेत्र में लंबे समय से राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग उठती रही है। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घनसाली विधानसभा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासन ने बीते अप्रैल में रगड़ी (सांकरी) में महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.963 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा। पांच माह बीतने के बाद भी शासन स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कॉलेज की स्थापना का इंतजार लंबा खिंच रहा है।
रगड़ी (सांकरी) में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि का चयन हो चुका है। शासन स्तर पर प्रक्रिया गतिमान है और उम्मीद है कि जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। नए सत्र से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कक्षाएं शुरू कराने का मै प्रयास कर रहा हूं।
- शक्तिलाल शाह, विधायक घनसाली