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Tehri News: लिवाड़ी में अज्ञात बीमारी से डेढ़ सौ से अधिक बकरियों की मौत
Sun, 18 Oct 2026 05:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 18 Oct 2026 05:19 PM IST
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पशुपालकों की आजीविका पर गहराया संकट
पुरोला। मोरी विकासखंड के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में पिछले करीब एक माह से बकरियों में फैली अज्ञात बीमारी ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक डेढ़ सौ से अधिक बकरियों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से पशुपालकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी की शुरुआत कंपकंपी और तेज बुखार से होती है। इसके बाद बकरियां फेफड़ों के संक्रमण (निमोनिया) की चपेट में आ जाती हैं और कई की मौत हो रही है। उनका कहना है कि नेटवाड़ से पशु चिकित्सकों की टीम तीन बार गांव पहुंचकर उपचार कर चुकी है। पीपीआर टीकाकरण और एंटीबायोटिक दवाएं भी दी गई हैं, लेकिन बीमारी पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हो पाया है।
भेड़-बकरी पालक के यमुना घाटी के अध्यक्ष त्रेपन रावत व ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गांव में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमारी की जांच कराने और प्रभावी उपचार की व्यवस्था करने की मांग की है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश स्वामी ने बताया कि विभाग की टीम लगातार लिवाड़ी गांव में बीमार बकरियों का उपचार और निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश बकरियां लंबे समय से निमोनिया से पीड़ित हैं और इस बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगता है।
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पुरोला। मोरी विकासखंड के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में पिछले करीब एक माह से बकरियों में फैली अज्ञात बीमारी ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक डेढ़ सौ से अधिक बकरियों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से पशुपालकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी की शुरुआत कंपकंपी और तेज बुखार से होती है। इसके बाद बकरियां फेफड़ों के संक्रमण (निमोनिया) की चपेट में आ जाती हैं और कई की मौत हो रही है। उनका कहना है कि नेटवाड़ से पशु चिकित्सकों की टीम तीन बार गांव पहुंचकर उपचार कर चुकी है। पीपीआर टीकाकरण और एंटीबायोटिक दवाएं भी दी गई हैं, लेकिन बीमारी पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हो पाया है।
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भेड़-बकरी पालक के यमुना घाटी के अध्यक्ष त्रेपन रावत व ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गांव में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमारी की जांच कराने और प्रभावी उपचार की व्यवस्था करने की मांग की है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश स्वामी ने बताया कि विभाग की टीम लगातार लिवाड़ी गांव में बीमार बकरियों का उपचार और निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश बकरियां लंबे समय से निमोनिया से पीड़ित हैं और इस बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगता है।
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