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Tehri News: बालगंगा नदी पर गोफल गांव के नीचे भी कराए जाए बाढ़ सुरक्षा कार्य
Wed, 05 Mar 2025 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 05 Mar 2025 07:03 PM IST
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नदी से हो रहे भू-कटाव के कारण गांव के लिए बढ़ रहा है खतरा
घनसाली (टिहरी)। जुलाई 2024 की आपदा के दौरान उफान पर आई बालगंगा नदी की चपेट में आने से बूढ़ाकेदार में खेत, रास्ते और कई घरों को भी नुकसान पहुंचा था, लेकिन उस क्षेत्र में अभी तक बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति खासा रोष है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर बालगंगा नदी के दांयी ओर प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है।
भिलंगना ब्लॉक के बूढ़ाकेदार क्षेत्र में 27 और 28 जुलाई को अतिवृष्टि होने से बालगंगा नदी काफी उफान पर आ गई थी, जिससे बूढ़ाकेदार में नदी के कटाव से गोफल गांव में कई दुकानें, मकान, पैदल रास्ते, पुल और कई नाली खेती की जमीन बाढ़ की चपेट में आकर बह गई थी। इसके अलावा वहां भू-कटाव होने से मोटर मार्ग भी जमींदोज हो गया था।
आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने वहां बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए करीब 21 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की थी। इस धनराशि से वहां बाढ़ सुरक्षा कार्य भी शुरू कर दिया गया है, लेकिन उसके विपरीत दांयी तरफ गोफल गांव के नीचे भू-कटाव रोकने के लिए अभी तक बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं होने के कारण गांव को खतरा बना हुआ है।
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गांव के साहब सिंह नेगी, चंद्रवीर तोमर, हिम्मत सिंह, सनौप सिंह राणा और विनोद सेमवाल ने डीएम को भेजे ज्ञापन में बताया कि बूढ़ाकेदार में पुराने बस अड्डे से गोफल गांव तक बालगंगा नदी से लगातार भू-कटाव बढ़ता जा रहा है, जिससे कई दुकान, मकान, पैदल रास्ते ध्वस्त होने के बाद भू-कटाव से गांव में दर्जनभर आवासीय मकानों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने शीघ्र ही आपदा प्रभावित गोफल गांव के नीचे बालगंगा नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है।
बूढ़ाकेदार में बाढ़ सुरक्षा योजना के तहत जो धनराशि स्वीकृत हुई है, उस राशि से वहां बाढ़ सुरक्षा कार्य कराया जा रहा है। बालगंगा नदी के दूसरी ओर गोफल गांव के नीचे भी भू-कटाव हो रहा है, तो क्षेत्र का सर्वे करने के बाद शीघ्र ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- अनूप कुमार ड्यिूंडी, ईई, सिंचाई विभाग नई टिहरी।
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घनसाली (टिहरी)। जुलाई 2024 की आपदा के दौरान उफान पर आई बालगंगा नदी की चपेट में आने से बूढ़ाकेदार में खेत, रास्ते और कई घरों को भी नुकसान पहुंचा था, लेकिन उस क्षेत्र में अभी तक बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति खासा रोष है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर बालगंगा नदी के दांयी ओर प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है।
भिलंगना ब्लॉक के बूढ़ाकेदार क्षेत्र में 27 और 28 जुलाई को अतिवृष्टि होने से बालगंगा नदी काफी उफान पर आ गई थी, जिससे बूढ़ाकेदार में नदी के कटाव से गोफल गांव में कई दुकानें, मकान, पैदल रास्ते, पुल और कई नाली खेती की जमीन बाढ़ की चपेट में आकर बह गई थी। इसके अलावा वहां भू-कटाव होने से मोटर मार्ग भी जमींदोज हो गया था।
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आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने वहां बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए करीब 21 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की थी। इस धनराशि से वहां बाढ़ सुरक्षा कार्य भी शुरू कर दिया गया है, लेकिन उसके विपरीत दांयी तरफ गोफल गांव के नीचे भू-कटाव रोकने के लिए अभी तक बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं होने के कारण गांव को खतरा बना हुआ है।
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गांव के साहब सिंह नेगी, चंद्रवीर तोमर, हिम्मत सिंह, सनौप सिंह राणा और विनोद सेमवाल ने डीएम को भेजे ज्ञापन में बताया कि बूढ़ाकेदार में पुराने बस अड्डे से गोफल गांव तक बालगंगा नदी से लगातार भू-कटाव बढ़ता जा रहा है, जिससे कई दुकान, मकान, पैदल रास्ते ध्वस्त होने के बाद भू-कटाव से गांव में दर्जनभर आवासीय मकानों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने शीघ्र ही आपदा प्रभावित गोफल गांव के नीचे बालगंगा नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है।
बूढ़ाकेदार में बाढ़ सुरक्षा योजना के तहत जो धनराशि स्वीकृत हुई है, उस राशि से वहां बाढ़ सुरक्षा कार्य कराया जा रहा है। बालगंगा नदी के दूसरी ओर गोफल गांव के नीचे भी भू-कटाव हो रहा है, तो क्षेत्र का सर्वे करने के बाद शीघ्र ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- अनूप कुमार ड्यिूंडी, ईई, सिंचाई विभाग नई टिहरी।