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Tehri News: जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार होगा निस्तारण
Sat, 17 Oct 2026 07:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 17 Oct 2026 07:06 PM IST
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नैनबाग (टिहरी)। बेल गांव में लखवाड़ बांध परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की धारा 19 की अधिसूचना के सापेक्ष सुनवाई शिविर लगाया गया। एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने धारा 21 के तहत प्राप्त 29 शिकायतों पर सुनवाई की। इस दौरान परियोजना प्रभावित 17 गांवों के प्रकरणों की आपत्तियां भी सुनी गई। समस्याओं का नियमानुसार निस्तारण का भरोसा दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि जनसुनवाई में संयुक्त माप सर्वेक्षण में कुछ मकान, छानियां, गोशालाएं और घराट छूट गए थे। फलदार और इमारती लकड़ी के वृक्षों से संबंधित मामले भी अधर में हैं। भूमि के आपसी विवादों से जुड़े मामलों में एडीएम ने संबंधित पक्षों को पहले न्यायालय के माध्यम से विवाद का निस्तारण कराने को कहा।
उन्होंने कहा कि विवाद सुलझने के बाद ही संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को शिविर में प्राप्त आपत्तियों और ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत किए गए प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए। जन सुनवाई में एसडीएम अंशुल भट्ट, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, लखवाड़ बांध संघर्ष समिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह सजवाण, बेल के प्रधान सुंदर सिंह चौहान, लखवाड़ बांध परियोजना के डीजीएम शिवदास और तहसीलदार प्राची बहुगुणा आदि शामिल थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि जनसुनवाई में संयुक्त माप सर्वेक्षण में कुछ मकान, छानियां, गोशालाएं और घराट छूट गए थे। फलदार और इमारती लकड़ी के वृक्षों से संबंधित मामले भी अधर में हैं। भूमि के आपसी विवादों से जुड़े मामलों में एडीएम ने संबंधित पक्षों को पहले न्यायालय के माध्यम से विवाद का निस्तारण कराने को कहा।
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उन्होंने कहा कि विवाद सुलझने के बाद ही संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को शिविर में प्राप्त आपत्तियों और ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत किए गए प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए। जन सुनवाई में एसडीएम अंशुल भट्ट, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, लखवाड़ बांध संघर्ष समिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह सजवाण, बेल के प्रधान सुंदर सिंह चौहान, लखवाड़ बांध परियोजना के डीजीएम शिवदास और तहसीलदार प्राची बहुगुणा आदि शामिल थे।
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