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Tehri News: भू-अभिलेखों और आपदाओं की मिलेगी सटीक जानकारी
Wed, 05 Nov 2025 06:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 05 Nov 2025 06:41 PM IST
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नरेंद्रनगर में स्थापित होगा निरंतर प्रचालन संदर्भ स्टेशन, सर्वे शुरू
नरेंद्रनगर (टिहरी)। भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए नरेंद्रनगर पुराना कलेक्ट्रेट में सीओआरएस स्टेशन स्थापित करने के लिए सर्वे किया गया है। भारत सरकार का यह स्टेशन स्थापित होने से यहां आपदा और भूस्खलन की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
बुधवार को भारत सरकार के महा सर्वेक्षक आईएएस हितेश कुमार मकवाना टीम के साथ नरेंद्रनगर पहुंचे। निरंतर प्रचालन संदर्भ स्टेशन (सीओआरएस) स्थापित करने के लिए उन्होंने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार देश के विभिन्न राज्यों में लैंड रिकॉर्ड्स की एक्यूरेसी सर्वेक्षण के लिए कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशनों को स्थापित कर रही है। अभी तक देश के विभिन्न हिस्सों में 1105 स्टेशन लगाए हैं।
पहाड़ में भी आपदा और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए सीओआरएस स्टेशन लगाने की जरूरत महसूस की गई। स्टेशन स्थापित होने से भूमि अभिलेख की पारदर्शिता आएगी और आपदा की सटीक जानकारी मिल सकेगी। महा सर्वेक्षक हितेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के तहत ड्रोन/जियो स्पेशल तकनीक, वेब जीआईएस के माध्यम से शहरी भूमि अभिलेख का सटीक पारदर्शी और पूरी तरह से डिजिटल बनाना है।
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डिजिटल प्रक्रिया से शहरी भूमि के सर्वेक्षण में पारदर्शिता के साथ भूमिका रिकॉर्ड आधुनिक बन सकेगा। भूमि पर व्यक्ति का स्वामित्व सुरक्षित रहने के साथ ही भू-स्वामी को उसकी जमीन नक्शे के बारे में सशक्त बनाना है। इस मौके पर एडिशनल सर्वेक्षक संदीप श्रीवास्तव, डायरेक्टर जीएनआरबी उत्तराखंड नीरज कुमार, डायरेक्टर सर्वेक्षक प्रदीप सिंह, सुपरीटेंडिंग सर्वेक्षक दीपक भारती, सर्वेक्षक अनिल कुमार अधिकारी, ट्रंबल सुभाष कुमार, विकास कुमार और अर्पित आनंद मौजूद थे।
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नरेंद्रनगर (टिहरी)। भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए नरेंद्रनगर पुराना कलेक्ट्रेट में सीओआरएस स्टेशन स्थापित करने के लिए सर्वे किया गया है। भारत सरकार का यह स्टेशन स्थापित होने से यहां आपदा और भूस्खलन की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
बुधवार को भारत सरकार के महा सर्वेक्षक आईएएस हितेश कुमार मकवाना टीम के साथ नरेंद्रनगर पहुंचे। निरंतर प्रचालन संदर्भ स्टेशन (सीओआरएस) स्थापित करने के लिए उन्होंने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार देश के विभिन्न राज्यों में लैंड रिकॉर्ड्स की एक्यूरेसी सर्वेक्षण के लिए कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशनों को स्थापित कर रही है। अभी तक देश के विभिन्न हिस्सों में 1105 स्टेशन लगाए हैं।
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पहाड़ में भी आपदा और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए सीओआरएस स्टेशन लगाने की जरूरत महसूस की गई। स्टेशन स्थापित होने से भूमि अभिलेख की पारदर्शिता आएगी और आपदा की सटीक जानकारी मिल सकेगी। महा सर्वेक्षक हितेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के तहत ड्रोन/जियो स्पेशल तकनीक, वेब जीआईएस के माध्यम से शहरी भूमि अभिलेख का सटीक पारदर्शी और पूरी तरह से डिजिटल बनाना है।
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डिजिटल प्रक्रिया से शहरी भूमि के सर्वेक्षण में पारदर्शिता के साथ भूमिका रिकॉर्ड आधुनिक बन सकेगा। भूमि पर व्यक्ति का स्वामित्व सुरक्षित रहने के साथ ही भू-स्वामी को उसकी जमीन नक्शे के बारे में सशक्त बनाना है। इस मौके पर एडिशनल सर्वेक्षक संदीप श्रीवास्तव, डायरेक्टर जीएनआरबी उत्तराखंड नीरज कुमार, डायरेक्टर सर्वेक्षक प्रदीप सिंह, सुपरीटेंडिंग सर्वेक्षक दीपक भारती, सर्वेक्षक अनिल कुमार अधिकारी, ट्रंबल सुभाष कुमार, विकास कुमार और अर्पित आनंद मौजूद थे।