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प्रतिकर भुगतान में मनमर्जी कर रहा एनएच
Updated Mon, 09 Oct 2017 10:35 PM IST
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नरेंद्रनगर (टिहरी)। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 94 के चौड़ीकरण में प्रशासन की ओर से अधिग्रहित भूमि, भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिकर भुगतान में मनमानी करने का आरोप लगाया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भुगतान में की जा रही असमानता में शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो उन्हें न्यायालय की शरण में जाने के साथ ही आंदोलन शुरू करने को मजबूर होना पड़ेगा।
एनएच-94 के सुधारीकरण के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि व भवन स्वामियों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में प्रतिकर की न्यूनतम राशि पर आपत्ति जताई है। प्रभावितों ने कहा कि वह राष्ट्रहित के साथ है, लेकिन नरेंद्रनगर तहसील क्षेत्र के खाड़ी, जाजल, फकोट, आगराखाल, दुआधार और हिंडोलाखाल आदि कस्बों के जिन भवनों में वर्षों से व्यवसाय चला रहे हैं। उनका प्रतिकर आवासीय भवनों की तर्ज पर दिया जा रहा है, जबकि कृषि भूमि का प्रतिकर भी एनएच-94 के अन्य क्षेत्रों में दिए गए प्रतिकर का पांचवां हिस्सा ही दिया जा रहा है। जबकि सभी जगह एक समान प्रतिकर भुगतान का प्राविधान है। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के लोगों को आंदोलन शुरू करने को मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह कंडारी, विशन सिंह भंडारी, पूरण सिंह, बलवीर तड़ियाल, रवि, विजेंद्र प्रसाद कोठियाल, भीम सिंह, अनिल सिंह आदि शामिल थे।
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एनएच-94 के सुधारीकरण के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि व भवन स्वामियों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में प्रतिकर की न्यूनतम राशि पर आपत्ति जताई है। प्रभावितों ने कहा कि वह राष्ट्रहित के साथ है, लेकिन नरेंद्रनगर तहसील क्षेत्र के खाड़ी, जाजल, फकोट, आगराखाल, दुआधार और हिंडोलाखाल आदि कस्बों के जिन भवनों में वर्षों से व्यवसाय चला रहे हैं। उनका प्रतिकर आवासीय भवनों की तर्ज पर दिया जा रहा है, जबकि कृषि भूमि का प्रतिकर भी एनएच-94 के अन्य क्षेत्रों में दिए गए प्रतिकर का पांचवां हिस्सा ही दिया जा रहा है। जबकि सभी जगह एक समान प्रतिकर भुगतान का प्राविधान है। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के लोगों को आंदोलन शुरू करने को मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह कंडारी, विशन सिंह भंडारी, पूरण सिंह, बलवीर तड़ियाल, रवि, विजेंद्र प्रसाद कोठियाल, भीम सिंह, अनिल सिंह आदि शामिल थे।
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