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Rudraprayag News: सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग बंद, कई वाहन फंसे, गौरीकुंड में ढाबा दबा
Thu, 02 Jul 2026 07:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Thu, 02 Jul 2026 07:22 PM IST
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केदारघाटी में कई स्थानों पर हुआ भूस्खलन
संवाद न्यूज एजेंसी
फाटा। लगातार हो रही बारिश के कारण बृहस्पतिवार को केदारघाटी में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग दो स्थानों पर मलबा आने से घंटों बाधित रहा। यहां कई वाहन भी फंसे। वहीं गौरीकुंड में प्रीपेड काउंटर के पास पहाड़ी से चट्टान गिरने से एक अस्थायी ढाबा मलबे में दब गया। गनीमत रही दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई।
सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर कनारधार और बड़ा सांगू के पास भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए। मार्ग बंद होने से त्रियुगीनारायण की ओर जा रहे करीब 15 से 20 वाहन बीच रास्ते में फंस गए। स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सेमवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सड़क से मलबा हटाने में जुट गए लेकिन अत्यधिक मलबा होने के कारण मार्ग नहीं खुल सका। इसके बाद पीएमजीएसवाई को सूचना दी गई। इस दौरान त्रियुगीनारायण जा रहा एक लोडेड ट्रक भी फंसा रहा। बाद में जेसीबी पहुंचने पर मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। उधर गौरीकुंड में प्रीपेड काउंटर के निकट पहाड़ी से अचानक चट्टान और मलबा गिरने से एक अस्थायी ढाबा क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही घटना के समय ढाबे में कोई नहीं था और न ही पैदल मार्ग पर श्रद्धालु गुजर रहे थे। वहीं सोनप्रयाग पुलिस के अनुसार मलबा आने से एक अस्थायी ढाबा क्षतिग्रस्त हुआ है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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सोनप्रयाग-मुनकटिया के बीच आया मलबा, कुछ देर रोके गए यात्री
रुद्रप्रयाग। जिले में बुधवार को शुरू हुई लगातार बारिश का असर बृहस्पतिवार को भी देखने को मिला। जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग कई घंटे बंद रहे। वहीं केदारनाथ पैदल मार्ग पर सोनप्रयाग-मुनकटिया के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने से यात्रा मार्ग बंद हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कुछ समय के लिए पैदल आवाजाही रोक दी जिसे फिर सुचारु कर दिया गया।
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोहबगड़ में पहाड़ी से मलबा आने से मार्ग करीब तीन घंटे तक बंद रहा। इससे श्रीनगर और रुद्रप्रयाग की ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बारिश थमने पर एनएच की टीम ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात शुरू कराया। उधर, केदारनाथ राजमार्ग पर चंद्रापुरी-बांसवाड़ा के पास भी मार्ग करीब दो घंटे तक बंद रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बारिश के कारण विभिन्न जगहों पर मार्ग बाधित रहे जिन्हें संबंधित विभाग की टीमों ने जेसीबी की मदद से खोल दिया। संवाद
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मानसून में सतर्क होकर करें केदारनाथ यात्रा : डीएम
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से मानसून के दौरान पूरी सतर्कता के साथ केदारनाथ धाम की यात्रा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण यात्रा मार्ग के कुछ हिस्से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। ऐसे में यात्री मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें। उन्होंने यात्रियों से यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराने, रेनकोट, छाता, गर्म कपड़े और अन्य आवश्यक सामान साथ रखने की सलाह दी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फाटा। लगातार हो रही बारिश के कारण बृहस्पतिवार को केदारघाटी में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग दो स्थानों पर मलबा आने से घंटों बाधित रहा। यहां कई वाहन भी फंसे। वहीं गौरीकुंड में प्रीपेड काउंटर के पास पहाड़ी से चट्टान गिरने से एक अस्थायी ढाबा मलबे में दब गया। गनीमत रही दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई।
सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर कनारधार और बड़ा सांगू के पास भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए। मार्ग बंद होने से त्रियुगीनारायण की ओर जा रहे करीब 15 से 20 वाहन बीच रास्ते में फंस गए। स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सेमवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सड़क से मलबा हटाने में जुट गए लेकिन अत्यधिक मलबा होने के कारण मार्ग नहीं खुल सका। इसके बाद पीएमजीएसवाई को सूचना दी गई। इस दौरान त्रियुगीनारायण जा रहा एक लोडेड ट्रक भी फंसा रहा। बाद में जेसीबी पहुंचने पर मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। उधर गौरीकुंड में प्रीपेड काउंटर के निकट पहाड़ी से अचानक चट्टान और मलबा गिरने से एक अस्थायी ढाबा क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही घटना के समय ढाबे में कोई नहीं था और न ही पैदल मार्ग पर श्रद्धालु गुजर रहे थे। वहीं सोनप्रयाग पुलिस के अनुसार मलबा आने से एक अस्थायी ढाबा क्षतिग्रस्त हुआ है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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सोनप्रयाग-मुनकटिया के बीच आया मलबा, कुछ देर रोके गए यात्री
रुद्रप्रयाग। जिले में बुधवार को शुरू हुई लगातार बारिश का असर बृहस्पतिवार को भी देखने को मिला। जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग कई घंटे बंद रहे। वहीं केदारनाथ पैदल मार्ग पर सोनप्रयाग-मुनकटिया के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने से यात्रा मार्ग बंद हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कुछ समय के लिए पैदल आवाजाही रोक दी जिसे फिर सुचारु कर दिया गया।
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोहबगड़ में पहाड़ी से मलबा आने से मार्ग करीब तीन घंटे तक बंद रहा। इससे श्रीनगर और रुद्रप्रयाग की ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बारिश थमने पर एनएच की टीम ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात शुरू कराया। उधर, केदारनाथ राजमार्ग पर चंद्रापुरी-बांसवाड़ा के पास भी मार्ग करीब दो घंटे तक बंद रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बारिश के कारण विभिन्न जगहों पर मार्ग बाधित रहे जिन्हें संबंधित विभाग की टीमों ने जेसीबी की मदद से खोल दिया। संवाद
मानसून में सतर्क होकर करें केदारनाथ यात्रा : डीएम
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से मानसून के दौरान पूरी सतर्कता के साथ केदारनाथ धाम की यात्रा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण यात्रा मार्ग के कुछ हिस्से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। ऐसे में यात्री मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें। उन्होंने यात्रियों से यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराने, रेनकोट, छाता, गर्म कपड़े और अन्य आवश्यक सामान साथ रखने की सलाह दी। संवाद