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Rudraprayag News: चीरबासा के निकट बहाल हुआ केदारनाथ पैदल मार्ग
Sun, 19 Jul 2026 06:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sun, 19 Jul 2026 06:28 PM IST
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चीरबासा के निकट केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही करते यात्री और घोड़े-खच्चर। संवाद
फोटो
यात्रियों और घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
केदारनाथ/फाटा। बीते दो दिनों से बाधित चल रहा गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग अब पूरी तरह से सुचारु हो गया है। चिरबासा के निकट चट्टान गिरने से बंद हुआ मार्ग रविवार सुबह तीर्थयात्रियों तथा घोड़ा-खच्चरों के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया गया है।
केदारघाटी में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से चट्टानें पैदल मार्ग पर आ गिरी थीं जिससे मार्ग बाधित हो गया था। गनीत रही कि घटना के समय वहां से कोई यात्री या घोड़ा-खच्चर नहीं गुजर रहा था जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मार्ग शीघ्र बहाल करने के लिए लोनिवि गुप्तकाशी के श्रमिक जुटे रहे। श्रमिक लगातार 24 घंटे तक मलबा हटाने में जुटे रहे और रविवार सुबह मार्ग को पूरी तरह से खोल दिया गया। लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक विभाग के कर्मचारी एवं अभियंता संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही श्रमिकों की टीम मौके पर पहुंच रही है और रास्ता खोलने का कार्य शुरू कर रही है।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व आपदा टीमें तैनात
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर जनपद में मानसून सीजन को लेकर सभी आपदा प्रबंधन टीमें तैनात हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड़ ने बताया कि बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पहाड़ियों से बोल्डर एवं पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे मार्ग कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए केदारनाथ पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ तथा न्यू टास्क फोर्स की तैनाती की गई है। इन टीमों की निगरानी के बीच ही श्रद्धालुओं को यात्रा कराई जा रही है। मार्ग पर तैनात टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं। गौरीकुंड, चिरबासा, भीमबली, लिनचोली, बड़ी लिनचोली सहित पैदल मार्ग के अन्य संवेदनशील स्थलों पर आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात हैं। उन्होंने केदारनाथ यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जिला प्रशासन के जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही यात्रा करें। संवाद
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यात्रियों और घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
केदारनाथ/फाटा। बीते दो दिनों से बाधित चल रहा गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग अब पूरी तरह से सुचारु हो गया है। चिरबासा के निकट चट्टान गिरने से बंद हुआ मार्ग रविवार सुबह तीर्थयात्रियों तथा घोड़ा-खच्चरों के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया गया है।
केदारघाटी में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से चट्टानें पैदल मार्ग पर आ गिरी थीं जिससे मार्ग बाधित हो गया था। गनीत रही कि घटना के समय वहां से कोई यात्री या घोड़ा-खच्चर नहीं गुजर रहा था जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मार्ग शीघ्र बहाल करने के लिए लोनिवि गुप्तकाशी के श्रमिक जुटे रहे। श्रमिक लगातार 24 घंटे तक मलबा हटाने में जुटे रहे और रविवार सुबह मार्ग को पूरी तरह से खोल दिया गया। लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक विभाग के कर्मचारी एवं अभियंता संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही श्रमिकों की टीम मौके पर पहुंच रही है और रास्ता खोलने का कार्य शुरू कर रही है।
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एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व आपदा टीमें तैनात
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर जनपद में मानसून सीजन को लेकर सभी आपदा प्रबंधन टीमें तैनात हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड़ ने बताया कि बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पहाड़ियों से बोल्डर एवं पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे मार्ग कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए केदारनाथ पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ तथा न्यू टास्क फोर्स की तैनाती की गई है। इन टीमों की निगरानी के बीच ही श्रद्धालुओं को यात्रा कराई जा रही है। मार्ग पर तैनात टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं। गौरीकुंड, चिरबासा, भीमबली, लिनचोली, बड़ी लिनचोली सहित पैदल मार्ग के अन्य संवेदनशील स्थलों पर आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात हैं। उन्होंने केदारनाथ यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जिला प्रशासन के जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही यात्रा करें। संवाद
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