फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Jim Corbett's rifle when the crowd drew

जिम कार्बेट की रायफल देखने उमड़ी भीड़

Fri, 08 Apr 2016 06:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Fri, 08 Apr 2016 06:30 PM IST
विज्ञापन
Jim Corbett's rifle when the crowd drew
Jim Corbett's rifle when the crowd drew - फोटो : amarujala
 2 मई 1925 को जिस रायफल से जिम कार्बेट ने गुलाबराय में आदमखोर गुलदार को ढेर किया था, उसे देखने के लिए यहां खूब भीड़ उमड़ी रही। वर्ष 1905 में लंदन में .275 बोर की इस रायफल को जॉन रिगवे एंड संस कंपनी ने बनाया था। उस समय शिकार करने के लिए यह सबसे बेहतरीन रायफलों में से एक थी।
विज्ञापन


पूर्वाह्न 11 बजे गुलाबराय (भाणाधार) में स्थित जिम कार्बेट पार्क में इंग्लैंड निवासी व लंदन में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर न्यूटन रायफल के साथ यहां पहुंचे। इस मौके पर जनसमुदाय ने उनका जोरदार स्वागत किया। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में न्यूटन ने अपनी टीम के साथ पार्क में जिम कार्बेट की मूर्ति पर पुष्पगुच्छ चढ़ाया और कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। न्यूटन ने कहा कि जब वह 13 वर्ष के थे, तबसे उन्होंने जिम कार्बेट के बारे में पढ़ा और सुना। उन्होंने वह पुस्तक पढ़ी, जिसमें रुद्रप्रयाग के गुलाबराय में आदमखोर को मारने का जिक्र किया है। ऐसे में इस स्थान को देखने की बहुत इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई।
विज्ञापन


समारोह में मुख्य अतिथि जिला जज आशीष नैथानी ने कहा कि राजमार्ग पर स्थित आम के पेड़ पर मचान बनाकर कार्बेट ने गुलदार को ढेर किया था। उस पेड़ को धरोहर के रूप में संरक्षित करने के लिए प्रयास करने होंगे। डीएफओ राजीव धीमान ने जिम कार्बेट के बारे में बताने के साथ ही वन व वन्य जीवों के संरक्षण पर भी जोर  दिया। ओपी सेमवाल के संचालन में अमेरिका, इंग्लैड़, आस्ट्रेलिया, अमेरिका, जर्मन व अन्य देशों से आए साइमन केन्बार, डेवी ह्यूजेज, जॉन ओटन, डविड साउथ गेट, एनरू केमिन सहित पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा, सीईओ सुभाष चंद्र भट्ट, एसडीओ वन विभाग सोहन लाल, रंगकर्मी प्रेम मोहन डोभाल आदि लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुलदार की दहशत से कराया रूबरू
रुद्रप्रयाग। 1918 से 1925 तक रुद्रप्रयाग व पूरे क्षेत्र में दशहत के पर्याय रहे आदमखोर गुलदार के बारे में वयोवृद्ध काशीराम देवली ने अपने अनुभव साझा किए। बताया कि उनके दादा स्व. ईश्वरी प्रसाद देवली पर गुलदार ने सबसे पहले हमला किया था, तब वह बच गए थे। गुलदार की दहशत पचास मील क्षेत्र में थी। उसने सैकड़ों लोगों को मारा। सरकारी आंकड़े 125 ही दर्ज हो पाए। अपने दादा से सुनी बातों का हवाले देेते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1919 में यात्रा के समय गुलदार ने गुलाबराय में एक महिला यात्री पर दोपहर को पहले झपटा मारा और रात को फिर हमला कर उसे मार दिया। गुलदार को मारने के लिए जिम कार्बेट ने 20 रातें झूला पुल पर बिताई थी। तब, पूरे क्षेत्र में बेलणी और चट्वापीपल (गौचर) में ही पुल थे।



विदेेशों में गठित जिम कार्बेट क्लब
मार्क न्यूटन व उनके साथ साथ विदेशी मेहमानों ने बताया कि जिम कार्बेट के भारत के अलावा जर्मनी, न्यूजीलैंड, अफ्रीका, अमेरिका में भी कई प्रशंसक हैं। इन देशों में जिम कार्बेट दोस्ताना क्लब गठित हैं, जो एक-दूसरे से स्व. कार्बेट के बारे में बातें साझा करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed