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गुप्तकाशी में छाने लगा पेयजल संकट
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 27 Apr 2016 07:07 PM IST
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केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी में पेयजल संकट गहराने लगा है। यहां 20 वर्ष पहले बनी जलसंस्थान की पेयजल योजना का दम फूलने से पूरी आबादी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोग विश्वनाथ मंदिर में बह रही दो प्राकृतिक जल धाराओं से अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान मदन सिंह अग्रवाल, रघुवीर सिंह आदि का कहना है कि दो दशक पहले गुप्तकाशी के लिए पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। तब, आबादी बमुश्किल पांच सौ के करीब थी। अब छह हजार से अधिक आबादी होने से पेयजल योजना से पूर्ति नहीं हो पा रही है। आठ किमी लंबी योजना देखरेख के अभाव में भी कई स्थानों पर जर्जर बनी हुई है। वहीं स्टोर टैंक की क्षमता भी काफी कम है। ऐसे में योजना से संपूर्ण आबादी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पुरानी योजना का पुनर्गठन और एक अतिरिक्त योजना के निर्माण की मांग की है। इधर, जलसंस्थान के ईई सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि यात्रा मार्ग के बाजार व पड़ावों पर पर्याप्त जलापूर्ति को लेकर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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ग्राम प्रधान मदन सिंह अग्रवाल, रघुवीर सिंह आदि का कहना है कि दो दशक पहले गुप्तकाशी के लिए पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। तब, आबादी बमुश्किल पांच सौ के करीब थी। अब छह हजार से अधिक आबादी होने से पेयजल योजना से पूर्ति नहीं हो पा रही है। आठ किमी लंबी योजना देखरेख के अभाव में भी कई स्थानों पर जर्जर बनी हुई है। वहीं स्टोर टैंक की क्षमता भी काफी कम है। ऐसे में योजना से संपूर्ण आबादी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पुरानी योजना का पुनर्गठन और एक अतिरिक्त योजना के निर्माण की मांग की है। इधर, जलसंस्थान के ईई सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि यात्रा मार्ग के बाजार व पड़ावों पर पर्याप्त जलापूर्ति को लेकर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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