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आपरेशन कर गाय के पेट से निकाला मृत बछड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Sun, 20 Mar 2016 09:13 PM IST
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पशु चिकित्साधिकारी राहुल जोशी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने देवलीभणिग्राम में एक गाय का सफल आपरेशन कर मृत बछड़े को बाहर निकाला। गाय अब पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है।
पशुपालक लक्ष्मी देवी की गाय गाभिन थी। पांच दिन से गाय ने चारापत्ती खाना छोड़ दिया था। ऐसे में पशुपालक ने पशुपालन केंद्र गुप्तकाशी में तैनात पशु चिकित्साधिकारी राहुल जोशी को समस्या से अवगत कराया। वे गांव पहुंचे और गाय की जांच की। उन्होंने पाया कि गाय के पेट में बच्चा मर गया है। ऐसे में प्रसव नहीं होने से मृत बच्चा पेट के अंदर गल रहा है, जिससे गाय बीमार हो गई थी।
डा. जोशी ने टिहरी जिले में तैनात डा. अमित कुमार और फाटा केंद्र के पशु चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार के साथ स्टॉक मैन हर्षमणि सेमवाल और परमानंद अंथवाल की मदद से गोशाला में करीब साढ़े चार घंटे तक आपरेशन के बाद गाय के पेट में मृत बछड़े को बाहर निकाला। पशु चिकित्सक डा. जोशी ने बताया कि जिस तरह से बछड़े के शरीर का हिस्सा गला था उससे अनुमान है कि करीब चार दिन पहले वह पेट में मर गया था। अब गाय के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह का यह पहला आपरेशन हुआ है।
पशुपालक लक्ष्मी देवी की गाय गाभिन थी। पांच दिन से गाय ने चारापत्ती खाना छोड़ दिया था। ऐसे में पशुपालक ने पशुपालन केंद्र गुप्तकाशी में तैनात पशु चिकित्साधिकारी राहुल जोशी को समस्या से अवगत कराया। वे गांव पहुंचे और गाय की जांच की। उन्होंने पाया कि गाय के पेट में बच्चा मर गया है। ऐसे में प्रसव नहीं होने से मृत बच्चा पेट के अंदर गल रहा है, जिससे गाय बीमार हो गई थी।
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डा. जोशी ने टिहरी जिले में तैनात डा. अमित कुमार और फाटा केंद्र के पशु चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार के साथ स्टॉक मैन हर्षमणि सेमवाल और परमानंद अंथवाल की मदद से गोशाला में करीब साढ़े चार घंटे तक आपरेशन के बाद गाय के पेट में मृत बछड़े को बाहर निकाला। पशु चिकित्सक डा. जोशी ने बताया कि जिस तरह से बछड़े के शरीर का हिस्सा गला था उससे अनुमान है कि करीब चार दिन पहले वह पेट में मर गया था। अब गाय के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह का यह पहला आपरेशन हुआ है।
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